शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली दारू पीने से 33 लोगों की मौत हो गई। बुधवार (14 दिसंबर, 2022) को सूबे की विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने छपरा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मद्देनजर राज्य सरकार के शराब बंदी पर सवाल उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री और जेडी(यू) के सीनियर नेता नीतीश कुमार बुरी तरह आगबबूला हो गए। आपा खोते हुए शोर-शराबे के बीच वह जोर-जोर से चीखने लगे। सीधे घूरते हुए वह बोले- क्या हो गया...तुम बोल रहे हो?
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से 17 सेकेंड्स की एक क्लिप जारी की गई है, जिसमें हंगामे के बीच वह चीखते-चिल्लाते और विपक्षी नेता से दो टूक सवाल करते नजर आ रहे थे। नीतीश के इस गर्म तेवर को देख सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की टिप्पणियां करने लगे। @Arun9097 ने लिखा, "इस बूढ़े की जिद ने बिहार को बर्बाद कर दिया।" इस बीच, @vikul_pandit के हैंडल से कहा गया कि यह कुढ़नी विस की हार की खिसियाहट है और कुछ नहीं।
इस बीच, सूबे के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को बताया कि घटना इसुआपुर थाना इलाके की है। कुछ लोग मंगलवार को स्थानीय दुकान पर देर रात तक शराब पीते रहे और घर जाने के बाद वे बीमार पड़ गए। इसके बाद पांच लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने घटना को लेकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस घटना में हुई मौतों के लिए पुलिस और अवैध शराब कारोबारियों की “साठगांठ” को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा, “हमने हमेशा शराब पर प्रतिबंध का समर्थन किया है, तब भी जब हमारे विपक्ष में रहते प्रतिबंध का प्रस्ताव पेश किया गया था। लेकिन इसका कार्यान्वयन पूरी तरह से विफल रहा।” दरअसल, नीतीश कुमार की सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
