देश

Jaish Module Exposed: CM सुवेंदु अधिकारी की हत्या की योजना, जंतर-मंतर में घुसपैठ की साजिश और..., एक गिरफ्तारी से खुला बड़ा आतंकी नेटवर्क

मोहम्मद हमीम मंडल को शुक्रवार को पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे देर रात कोलकाता लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। STF के आईजी गौरव शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में आरोपी के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क के सबूत मिले हैं और वह उनके निर्देशों पर काम कर रहा था।

Image

सांकेतिक तस्वीर।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक कथित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। STF ने पूर्वी बर्धमान जिले से मोहम्मद हमीम मंडल नाम के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और उनके निर्देश पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, कई पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। इतना ही नहीं, वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्र आंदोलन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसपैठ और तोड़फोड़ की साजिश भी रच रहा था।

पूर्वी बर्धमान से हुई गिरफ्तारी, कोलकाता लाकर हुई पूछताछ

STF के अनुसार, मोहम्मद हमीम मंडल को शुक्रवार को पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे देर रात कोलकाता लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। STF के आईजी गौरव शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में आरोपी के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क के सबूत मिले हैं और वह उनके निर्देशों पर काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि जांच में कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपी भारत में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी थे कथित निशाने पर

STF का सबसे बड़ा दावा यह है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस कथित आतंकी मॉड्यूल के प्रमुख निशानों में शामिल थे। आईजी गौरव शर्मा के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स ने हमीम मंडल को मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर रखने का जिम्मा दिया था। आरोपी को यह पता लगाने के निर्देश दिए गए थे कि मुख्यमंत्री किन स्थानों पर अपेक्षाकृत कम सुरक्षा के बीच मौजूद रहते हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सके। एजेंसी का कहना है कि यह केवल निगरानी तक सीमित मामला नहीं था, बल्कि संभावित हमले की तैयारी का हिस्सा भी हो सकता है।

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने की थी योजना

जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर वहां घुसपैठ करने और माहौल बिगाड़ने की योजना बना रहा था। STF के अनुसार, आरोपी का मकसद प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ या अन्य प्रकार की हिंसक गतिविधियों को अंजाम देकर स्थिति को अस्थिर करना था। हालांकि एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस योजना को किस स्तर तक अंजाम देने की तैयारी हो चुकी थी।

कई पुलिस अधिकारी और राजनीतिक नेता भी थे रडार पर

STF की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य राजनीतिक नेता भी इस कथित आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर थे। जांच अधिकारी फिलहाल यह पता लगाने में जुटे हैं कि किन-किन लोगों की रेकी की गई थी और इस नेटवर्क के अन्य सदस्य किन क्षेत्रों में सक्रिय थे।

गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार भी गिरफ्तार, हनी ट्रैप की साजिश का आरोप

मामले में एक और बड़ा खुलासा करते हुए STF ने अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है, जिसे हमीम मंडल की करीबी सहयोगी और प्रेमिका बताया जा रहा है। एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने मिलकर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने की योजना बनाई थी। इसके बाद उसका अपहरण कर परिवार से बड़ी रकम वसूलने की साजिश रची गई थी।

STF का दावा है कि यह पूरी योजना भी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देश पर तैयार की गई थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अर्पिता की भूमिका केवल सोशल मीडिया संपर्क तक सीमित थी या वह सक्रिय रूप से ऑपरेशन का हिस्सा थी।

प्रभावशाली लोगों से दोस्ती कर जुटाई जाती थी संवेदनशील जानकारी

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी और उसकी सहयोगी को प्रभावशाली लोगों के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने का जिम्मा दिया गया था। STF का कहना है कि इन रिश्तों के जरिए संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने और उन्हें पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाने की योजना थी। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या ऐसे और लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे।

ब्रिटेन और मेक्सिको के इंटरनेशनल SIM कार्ड बरामद

तलाशी के दौरान STF ने आरोपियों के पास से यूनाइटेड किंगडम (UK) और मेक्सिको के इंटरनेशनल SIM कार्ड बरामद किए हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इन SIM कार्डों का इस्तेमाल विदेश में बैठे हैंडलर्स से एन्क्रिप्टेड माध्यमों से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता था। इसके जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में स्लीपर सेल को सक्रिय करने और नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी।

Instagram से शुरू हुआ संपर्क, फिर एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर हुई बातचीत

STF के अनुसार, आरोपी पहले सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हुआ। जांच में सामने आया है कि उसकी पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स से शुरुआती बातचीत इंस्टाग्राम पर हुई थी। इसके बाद वो WhatsApp, Telegram, Element X और Session जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भी बात करने लगा। एसटीएफ ने बताया कि उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया चैट की जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी ने 'राना', 'उजैर', 'आबिद जट्ट 333' और 'हमाद' नाम के कथित हैंडलर्स की पहचान की है। STF का आरोप है कि ये सभी पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी गैंग से जुड़े हैं, जिस पर युवाओं का कट्टरपंथीकरण, नार्को-टेरर नेटवर्क और आतंकी भर्ती में शामिल होने के आरोप हैं।

चार साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी अर्पिता से मुलाकात

STF के मुताबिक, हमीम मंडल और अर्पिता सरकार पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों की पहली मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी और बाद में वे व्यक्तिगत रूप से भी मिलने लगे। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अर्पिता का इस्तेमाल संभावित हनी ट्रैप ऑपरेशन के लिए किया जा रहा था या वह इस पूरे नेटवर्क की सक्रिय सदस्य थी।

जांच जारी, कई और गिरफ्तारियों के संकेत

STF का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। एजेंसी पूरे आतंकी नेटवर्क, उसके अन्य सदस्यों और सीमा पार मौजूद संपर्कों की पहचान करने में जुटी हुई है। आईजी गौरव शर्मा ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहन जांच कर रही है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!