Ram Mandir Donation Row: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) भले ही चंदा चोरी में अपने आप को निर्दोष बता रहे हों, लेकिन अयोध्या के संतों में उनके खिलाफ रोष देखने को मिल रहा है। अयोध्या के वकील पहले ही चंपत राय के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पर उतर गए हैं, अब संतों ने भी एक बड़ी बैठक का ऐलान कर दिया है।
चंपत राय के खिलाफ संत
राम मंदिर के दान और चढ़ावे में सामने आई चोरी और अनियमितताओं के मामलों से आहत अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों ने एकजुट होकर एक बड़ा संकल्प लिया है। 5 जुलाई को अयोध्या में बैठक की जाएगी। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्यवाही कराने का संकल्प लिया जाएगा। संतों के इस आक्रामक रुख से मंदिर प्रबंधन भी सकते में आ गया है।
वकीलों की प्रदर्शन
आज अयोध्या में वकील भी चंपत राय के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। वकीलों की मांग है कि चंपत राय को भी जांच में शामिल किया जाए और उनके खिलाफ भी केस दर्ज हो।
अयोध्या का वकील नहीं लड़ेगा केस
बता दें कि इससे पहले वकीलों फैसला लिया था कि कोई भी अयोध्या बार एसोसिएशन का वकील राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियों के पक्ष में केस नहीं लड़ेगा। 29 जून को अयोध्या में वकीलों के संगठन ने एक प्रस्ताव पास करके चेतावनी दी कि जो भी सदस्य बहिष्कार के खिलाफ जाएगा, उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने मांग की कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को ’तीन दिन के अंदर’ अयोध्या छोड़ देना चाहिए। ये तीनों ट्रस्ट से जुड़े हैं लेकिन उनका नाम प्राथमिकी में नहीं है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने भी तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय और ज़रूरत पड़ने पर उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।
