Viral Video: कहते हैं कि जिंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, अगर इंसान में हिम्मत और जिम्मेदारी का अहसास हो, तो वह हर दर्द को भूलकर आगे बढ़ता रहता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों कोलकाता की सड़कों से सामने आई एक ऐसी ही कहानी आंखों में आंसू ला रही है और हिम्मत की नई मिसाल पेश कर रही है। यह कहानी है 70 साल के वृद्ध समीर काका की, जो इस उम्र और कई शारीरिक बीमारियों के बावजूद अपने परिवार का पेट पालने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। जिसने भी इस बुजुर्ग की कहानी सुनी वो भावुक हो गया।
समीर काका बीते 26 सालों से कोलकाता की व्यस्त सड़कों और ओवरब्रिज के नीचे गुब्बारे बेचने का काम कर रहे हैं। लेकिन, उनके जीवन का यह सफर आसान नहीं रहा। कुछ साल पहले उन्हें स्ट्रोक मार गया था, जिसके कारण वे लंबे समय तक पैरालाइज्ड रहे। इस बीमारी का असर यह हुआ कि उनकी गर्दन पूरी तरह सीधी नहीं हो पाती और हमेशा एक तरफ झुकी रहती है। शारीरिक तकलीफें यहीं खत्म नहीं हुईं। समीर काका के पैरों में त्वचा की गंभीर बीमारी और घाव हैं, जिससे उन्हें चलने में बेहद दर्द और कठिनाई होती है। इसके बावजूद, वे रोज अपने किराए के मकान से 4 किलोमीटर पैदल चलकर गुब्बारे बेचने की जगह तक आते हैं और 4 किलोमीटर वापस जाते हैं। मतलब ये हुआ कि इस उम्र में भी वे रोजाना 8 किलोमीटर पैदल चलते हैं और सड़क किनारे 6 घंटे से अधिक समय तक खड़े रहकर ग्राहकों का इंतजार करते हैं। देखें वीडियो...
दिल छू लेने वाली कहानी
कड़ी धूप और दर्द सहने के बाद समीर काका दिनभर में बमुश्किल 150 रुपये कमा पाते हैं। वे अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं और उनके ऊपर परिवार के 5 लोगों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है। वीडियो में जब एक सोशल मीडिया क्रिएटर उनसे बात करती है और उनका दर्द साझा करती है, तो समीर काका भावुक होकर अपनी आंखों से बहते आंसू छिपाते नजर आते हैं। उनकी यह बेबसी और कड़ा संघर्ष देखकर यूजर्स की आंखें भी नम हो गईं। समीर काका की कहानी वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को storiesbyaradhana नाम के पेज से शेयर किया गया है। वीडियो बनाने वाली यूजर ने अपील की है कि यदि हम सभी मिलकर थोड़ा-थोड़ा योगदान दें, तो समीर काका और उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
