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'आपको कौन बचाएगा?', फ्लाईदुबई प्लेन संकट के बाद वायरल हुआ भारतीय पायलट स्मित मच्छार का पुराना वीडियो

स्मित की बहादुरी की चर्चा और प्रशंसा अब दुनिया भर में हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया है। सोशल मीडिया में स्मित की बहादुरी की चर्चा हो रही है।

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भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार।

Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जाने वाले फ्लाईदुबई प्लेन को एक बड़े हादसे से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। बुधवार को इस विमान ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी लेकिन रास्ते में विमान के को-पायलट ने स्मित पर कथित रूप से चाकू से हमला कर दिया। रिपोर्टों में विमान में सवार यात्रियों के हवाले से कहा गया है कि को-पायलट ने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की लेकिन जख्मी होने के बावजूद भारतीय पायलट ने उसके इस प्रयास को विफल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और यात्रियों एवं क्रू मेबर्स को मदद के लिए आवाज दी। फिर यात्रियों एवं क्रू मेंबर्स ने को-पायलट पर काबू पाया।

ट्रंप-नेतन्याहू ने की स्मित की तारीफ

स्मित की बहादुरी की चर्चा और प्रशंसा अब दुनिया भर में हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया है। सोशल मीडिया में स्मित की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनके प्रति आभार जता रहे हैं। इस बीच, उनका एक पुराना पॉडकास्ट सामने आया है। इस पॉडकास्ट में वह ऐसे सवाल के बारे में बात करते हैं जिसका सामना करने या उसके बारे में बात करने से ज्यादातर पायलट बचते हैं।

'...तो हमें कौन बचाने जा रहा है?'

बोना-फायर बैंटर के पॉडकास्ट में जलक मेहता के साथ बातचीत में स्मित कहते हैं, 'हम जब आसमान में हों और कुछ हो जाए तो हमें कौन बचाने जा रहा है?' वह कहते हैं विमान में आपात स्थिति के होने पर यात्रियों के बीच यदि कोई डॉक्टर हो तो यह बहुत अच्छी बात होगी। डॉक्टर के नहीं होने पर फ्लाइट क्रू भी मदद कर सकते हैं। दरअसल, स्मित का यह पॉडकास्ट करीब एक साल पुराना है और यह वीडियो उनके एविएशन करियर के बारे में है। उन्होंने आगे कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उन्हें सर्जरी वगैरह करने की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन वे आपकी जान बचा सकते हैं? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों का क्रू के प्रति पूरा नजरिया ऐसा है, लेकिन जब हालात बिगड़ते हैं, तब आपको उनकी जरूरत होती है।'

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हवा के बीच पैदा हुए संकट के बाद जैसे-जैसे और जानकारी सामने आ रही है, इजरायली अधिकारी इस घटना को आतंकी कृत्य के तौर पर देख रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे पर हमला किया, जिसके बाद 'कॉकपिट में खून ही खून था।' एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, विमान महज 30 सेकंड में करीब 14,000 फीट नीचे गिर गया, यानी 33,000 फीट से लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया।

सऊदी अरब में हुई विमान की आपातकालीन लैंडिंग

स्मित मच्छार इस फ्लाइट के कैप्टन थे। कॉकपिट में सह-पायलट के साथ हुई हिंसक झड़प के दौरान उन्होंने उसका मुकाबला किया। इस घटना के चलते विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। मच्छार इससे पहले करीब 10 साल तक स्पाइसजेट में काम कर चुके थे और जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे। इजरायली अधिकारियों के हवाले से Ynet ने बताया कि सह-पायलट ओमान का नागरिक था और उस पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का संदेह है। विमान को क्रैश होने से रोकने के लिए कैप्टन मच्छार ने उससे मुकाबला किया। बाद में इजरायली यात्रियों ने भी सह-पायलट को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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