महान संत और कवि कबीरदास का एक दोहा है - 'राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट, अंतकाल पछताएगा जब प्राण जाएगे छूट।' लेकिन अयोध्या में इन दिनों एक अलग ही 'लूट' चल रही है, जिसकी चर्चा हर तरफ है। यहा राम नाम नहीं, बल्कि राम 'दाम' यानी चंदे की लूट सुर्खियों में है। विपक्ष की तरफ से चंदा गबन के आरोप में तमाम नेताओं और पदाधिकारियों के नाम लिए जा रहे हैं। मामले में FIR दर्ज हुई और आज यानी शुक्रवार 26 जून को 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। राम मंदिर चढ़ावा लूट मामले में अब तक क्या कुछ हुआ है, चलिए जानते हैं पूरी टाइम लाइन -
मंदिर ट्रस्ट की 2024-25 में 327 करोड़ की आमदनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2024 में अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन किया था। जब से मंदिर का उद्घाटन हुआ है, तभी से मंदिर में बड़ी मात्रा में चढ़ावा आ रहा है। साल 2024-25 मंदिर ट्रस्ट ने कुल 327 करोड़ रुपये की आमदनी की जानकारी दी, जिसमें से 153 करोड़ चढ़ावे के रूप में मिली।
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कथित मंदिर चढ़ावा गबन खुलासे की क्रोनोलॉजी
- 7 जून 2026: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाए कि राम मंदिर के दान-पात्रों से 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। पूर्व विधायक के इन आरोपों से अयोध्या में राजनीतिक भूचाल आ गया।
- 9 जून 2026: भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कथित चंदा चोरी मामले की CBI जांच की मांग की। इसके बाद PMO ने राम मंदिर ट्रस्ट से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी।
- 13 जून 2026: राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कथित चंदा चोरी की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली SIT का गठन किया।
- 14-21 जून 2026: SIT ने कैश-हैंडलिंग प्रोसेस और 35 डोनेशन बॉक्स पर ध्यान केंद्रित करके अपनी जांच को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्हें स्टाफ के बयानों में विरोधाभास भी नजर आया और 45 दिन बाद CCTV फुटेज के अपने-आप डिलीट हो जाने के चलते आ रही दिक्कतों पर भी गौर किया गया।
- 23 जून 2026: SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में संभावित अनियमितताओं की ओर इशारा किया और अधिकारियों को मंदिर के कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए।
- 25 जून 2026: SIT जांच के नतीजों के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज करवाई। इसी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हुई और चंदे की गिनती करने वाले कर्मचारियों सहित आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया गया। खबरों के मुताबिक आय से अधिक संपत्ति की जांच के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध व्यक्तियों के पास से बड़ी मात्रा में बेहिसाब नगदी और महंगी चीजें जब्त कीं।
- 26 जून 2026: हिरासत में लिए गए सभी 8 संदिग्धों को आज गिरफ्तार कर लिया गया। कथित चंदा चोरी के इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
कैसे हुआ चंदा चोरी का शक?
कथित चंदा चोरी को लेकर भले ही चर्चा अब हो रही हो, लेकिन इसको लेकर मंदिर ट्रस्ट को शक मई में ही हो गया था। मई के अंतिम सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियो ने बैंक में जमा हो रही रकम का ब्यौरा देखा और दानपेटियों में औसत से कम चढ़ावा आने पर उन्हें शक हुआ। बस फिर क्या था, इस कथित चोरी को पकड़ने के लिए, जिस कमरे में दान पेटियां खोलकर गिनती होती थी और नोटों की गड्डियां बनती थी वहां हिडन कैमरे लगा दिए गए।
