अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण का कार्य (Ram Mandir construction work) युद्ध स्तर पर चल रहा है। ट्रस्ट की मंशा है कि भूतल का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाए और मकर संक्रांति के बाद शुभ मुहूर्त में भगवान रामलला जनवरी 2024 में गर्भ गृह में विराजमान हो जाए इसको लेकर युद्ध स्तर पर मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। मंदिर निर्माण में लगातार प्रगति दिख रही है आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से मंदिर में लगाए जाने वाले स्तंभ निर्माण का कार्य शुरू हुआ है जिसमें पिंक स्टोन के नक्काशीदार बाहरी सतह पर लगाए जाने शुरू हुए हैं। मंदिर निर्माण करीब 50% से ज्यादा पूरा हो चुका है।
ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा कि गुरु मंडावर रंग मंडप की दीवार निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पिलर तीन से चार सिलाओ में है जिसमें देश में लगाए जाने वाले पिलर के लगाए जाने का काम 75% पूरा कर दिया गया था। अब तिलक लगाया जाना शुरू किया गया है। 20 फीट ऊंचा मिलन होगा और राम मंदिर के पिलर निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद रामलला के मंदिर के भूतल में छत निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। ट्रस्ट की मंशा है कि 2024 तक भूतल निर्माण कार्य पूरा हो जाए और शुभ मुहूर्त में भगवान रामलला को नए मंदिर में स्थापित कर श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खोल दिया जाए।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र ने बताया कि गर्भ गृह के गुड मंडप और रंगमंडप के क्षेत्र की दीवार के निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। जिसमें पत्थर के नीचे की शिलाएं भी लगाई जा चुकी हैं। डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि पिलर एक पीस में नहीं होता मंदिर का पिलर 3 से 4 में है। मंदिर में बेस के पत्थर लगाए जा चुके हैं। अब ऊपरी सतह पर पत्थर लगाया जाना का काम आज से शुरू हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने दावा करते हुए कहा कि यह कहा जा सकता है कि 75% पिलर के बेस लगाए जा चुके हैं। जल्द ही जब मीडिया को दोबारा परिसर में बुलाया जाएगा तो सारे पिलर सामने दिखने लगेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ने कहा कि यह मंदिर निर्माण की एक शैली है पत्थरों को जोड़कर के पिलर को एक स्वरूप प्रदान किया जाता है 20 फीट ऊपर पिलर लगाए जाएंगे फिर इसके ऊपर और रामलला के मंदिर की छत लगाए जाने का काम प्रारंभ होगा दिसंबर 2023 तक रामलला के मंदिर के भूतल निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के पश्चात शुभ मुहूर्त में भगवान राम लला गर्भ गृह में विराजित करके प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात दर्शन के लिए खोल दिया जाए।
(अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
