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अगस्त में देश के टॉप शिक्षण संस्थान बने आंदोलन का अखाड़ा, IIT दिल्ली से नालसार और जामिया तक छात्रों ने उठाई आवाज; जानें क्या थे बड़े मुद्दे

August Student Protest India: अगस्त में देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान छात्र आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों के केंद्र बने। नालसार, एनएलएसआईयू, IIT दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे परिसरों में छात्रों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाई। इन प्रदर्शनों में पारदर्शिता, न्याय, जवाबदेही और संस्थागत फैसलों को लेकर छात्रों की नाराजगी प्रमुख रूप से सामने आई।

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IIT दिल्ली कैंपस में विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

Photo : Twitter

August Student Protest India: IIT दिल्ली से लेकर हैदराबाद के नालसार विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया से लेकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय दिल्ली तक, अगस्त में देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान छात्र आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों के गवाह बने। अलग-अलग मुद्दों को लेकर छात्रों ने कई परिसरों में अपनी आवाज बुलंद की। इससे पहले जुलाई में NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में देशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे। इस विवाद के बीच तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद अगस्त की शुरुआत भी देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में विरोध और विवादों के साथ हुई। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगस्त के दौरान देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में किन मुद्दों को लेकर छात्र सड़कों और परिसरों में उतरे और इन आंदोलनों का क्या असर देखने को मिला।

नालसार विधि विश्वविद्यालय, हैदराबाद

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 400 से अधिक छात्रों ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को बुलाए जाने पर आपत्ति जताई थी। वे जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से जुड़ी कुछ टिप्पणियों के कारण न्यायमूर्ति सूर्यकांत का विरोध कर रहे थे। विवाद ने तब एक नया मोड़ ले लिया जब भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने राज्य विधिज्ञ परिषदों को निर्देश दिया कि वे विश्वविद्यालय के 2026 के स्नातकों का अगले आदेश तक अधिवक्ता के तौर पर पंजीकरण न करें। बीसीआई ने कुछ ही घंटों में आदेश वापस ले लिया और बाद में घोषणा की कि संबंधित बैच के खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई है। बाद में, प्रधान न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने संबंधित निमंत्रण कभी स्वीकार ही नहीं किया, इसलिए कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), बेंगलुरु

स्नातक कर रहे 700 से अधिक छात्रों, मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों ने एक बयान पर हस्ताक्षर करके विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को बुलाए जाने का विरोध किया। उन्होंने बीसीआई से अब वापस लिए जा चुके उस निर्देश के लिए माफी मांगने की मांग भी की, जिसमें नालसार के 2026 के स्नातकों को वकील के तौर पर पंजीकृत न करने की बात कही गई थी। इसके बाद, एनएलएसआईयू ने अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए 2026 में स्नातक करने वाले बैच के लिए अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली

IIT दिल्ली कैंपस की एक इमारत से 31 वर्षीय एमएससी छात्र के कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या करने की घटना के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच, संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। IIT दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने धमकी भरे नारे लगाकर परिसर के शांतिपूर्ण कामकाज में बाधा डालने वाले छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। संस्थान ने मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए गठित समिति का पुनर्गठन किया, और दिल्ली हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता को इसका प्रमुख बनाया गया। यह घटनाक्रम तब हुआ जब जांच समिति के प्रमुख बनाए गए उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए खुद को समिति से अलग कर लिया।

जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली

एनएसयूआई की जामिया इकाई से जुड़े छात्रों ने परीक्षा के नतीजों में पारदर्शिता, प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा और इसमें कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही की मांग करते हुए धरना दिया। विश्वविद्यालय ने विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में चार छात्रों को निलंबित कर दिया और उनके परिसर में आने पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि ये छात्र संस्थान की सेंट्रल कैंटीन में अनधिकृत धरने में शामिल थे, जबकि उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि विरोध-प्रदर्शन सिर्फ तय जगह पर ही किए जा सकते हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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