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क्या 26 तारीख है मनहूस? नेपाल बाढ़ से चेरनोबिल और मुंबई हमले तक,इस दिन हुईं ये बड़ी त्रासदियां

इतिहास को देखें तो अलग-अलग सालों में महीने की 26 तारीख को भूकंप,सुनामी और बाढ़ से लेकर आतंकवादी हमले,विमान हादसे और परमाणु दुर्घटना तक से जुड़ी भयावह घटनाएं दर्ज हैं।

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26 तारीख का खौफनाक संयोग। (फोटो- AI)

26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। इस महा जलप्रलय में अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। इतनी भयावह तबाही के बाद एक सवाल सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या 26 तारीख मनहूस है? दरअसल, इस त्रासदी ने सोशल मीडिया और आम लोगों में दुनिया की उन बड़ी प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं की यादें ताजा कर दी हैं, जो अलग-अलग वर्षों में महीने की 26 तारीख को हुईं।

इतिहास को देखें तो अलग-अलग सालों में महीने की 26 तारीख को भूकंप,सुनामी और बाढ़ से लेकर आतंकवादी हमले,विमान हादसे और परमाणु दुर्घटना तक से जुड़ी भयावह घटनाएं दर्ज हैं।

26 अगस्त 2026: नेपाल की विनाशकारी बाढ़

इन घटनाओं की लिस्ट में जुड़ी सबसे ताजा घटना नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ है। यहां के रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसके कारण भोटेकोशी नदी तंत्र में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आया, जिससे बस्तियां जलमग्न हो गईं और सड़कें,पुल तथा जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई अहम ढांचे क्षतिग्रस्त हुए। इस आपदा के कारण अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत और करीब 4,500 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है।

26 दिसंबर 2004: हिंद महासागर सुनामी

26 दिसंबर 2004 को इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास 9.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद हिंद महासागर में उठी विशाल सुनामी ने इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत, थाईलैंड समेत कई देशों में भारी तबाही मचाई। इसके कारण करीब 2.28 लाख लोग मारे गए या लापता हो गए थे, जिन्हें बाद में मृत मान लिया गया। यह आधुनिक इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी।

26 जनवरी 2001: गुजरात भूकंप

भारत में 26 तारीख से जुड़ी सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में गुजरात का भूकंप प्रमुख है। 26 जनवरी 2001 को आए शक्तिशाली भूकंप ने खासकर कच्छ क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया। इसमें करीब 20 हजार लोगों की मौत हुई और 1.66 लाख से अधिक लोग घायल हुए।

26 जुलाई 2005: मुंबई-महाराष्ट्र में बाढ़

26 जुलाई 2005 को महाराष्ट्र में रिकॉर्ड बारिश ने मुंबई को लगभग ठप कर दिया। मुंबई में करीब 944 मिमी बारिश 24 घंटे में दर्ज की गई थी। भारी बारिश के कारण सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए थे,घरों और वाहनों को भारी नुकसान हुआ था। महाराष्ट्र में इस आपदा में 1,094 लोगों की मौत हुई।

26 दिसंबर 2003: ईरान का बाम भूकंप

वहीं, 26 दिसंबर 2003 को ईरान के बाम शहर में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के कारण ऐतिहासिक शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और करीब 31 हजार लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।

26 मई 2006: इंडोनेशिया का योग्याकार्ता भूकंप

इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर 26 मई 2006 को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और 5,700 से अधिक लोगों की जान गई।

26 जुलाई 1963: स्कोप्जे भूकंप

वहीं, तत्कालीन यूगोस्लाविया के स्कोप्जे में 26 जुलाई 1963 को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। करीब 1,070 लोगों की मौत हुई और दो लाख से अधिक लोग बेघर हो गए।

26 दिसंबर 1939: तुर्किये का एर्जिनकान भूकंप

26 दिसंबर 1939 को तुर्किये के एर्जिनकान क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। बड़े पैमाने पर इमारतें ढह गईं और करीब 32,700 लोगों की मौत हुई।

26 नवंबर 2008: मुंबई आतंकी हमला

2008 में 26 नवंबर भी वो तारीख थी जिसमें 10 आतंकियों ने मुंबई में कई जगहों पर समन्वित हमले किए। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ताज महल पैलेस होटल समेत कई स्थानों को निशाना बनाया गया। करीब तीन दिन तक चले इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई। नौ हमलावर भी मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।

26 अप्रैल 1986: चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना

26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन स्थित चेरनोबिल परमाणु संयंत्र के रिएक्टर नंबर 4 में सुरक्षा परीक्षण के दौरान विस्फोट हुआ। इससे बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में फैल गया और यूरोप के कई हिस्से प्रभावित हुए। तत्काल आधिकारिक मौत का आंकड़ा 31 था, जबकि विकिरण से होने वाली दीर्घकालिक मौतों का आकलन अलग-अलग वैज्ञानिक अध्ययनों में अलग रहा है।

26 अप्रैल 1942: चीन की बेनशिहू खदान दुर्घटना

चीन की एक कोयला खदान में 26 अप्रैल 1942 को गैस और कोयले की धूल के विस्फोट के बाद कार्बन मोनोऑक्साइड का कहर बरपा। 1,549 खनिकों की मौत हुई। इसे इतिहास की सबसे घातक खनन दुर्घटनाओं में गिना जाता है।

26 मई 1991: लॉडा एयर फ्लाइट 004 हादसा

26 मई 1991 को बैंकॉक से वियना जा रहा लॉडा एयर का बोइंग 767 विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी 223 लोगों की मौत हो गई।

26 अगस्त 2021: काबुल एयरपोर्ट बम धमाका

अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाली निकासी के दौरान 26 अगस्त 2021 को काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती बम धमाका हुआ। इसमें 183 लोगों की मौत हुई, जिनमें 170 अफगान नागरिक और 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी शामिल थे।

तो क्या वाकई ‘26’ मनहूस है?

इन प्राकृतिक आपदाओं और घटनाओं को देखें तो ये लिस्ट चौंकाने वाली है,हालांकि किसी तारीख को आपदाओं का कारण मानने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। दरअसल, हर महीने की हर तारीख पर दुनिया में प्राकृतिक आपदाएं, दुर्घटनाएं और हिंसक घटनाएं होती हैं। जब किसी एक तारीख से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं को एक साथ देखा जाता है, तो हमारा दिमाग उनके बीच संबंध तलाशने लगता है। इसे pattern-seeking या apophenia जैसे मनोवैज्ञानिक प्रभावों से समझा जा सकता है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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