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Vande Mataram: 'जो देश की संस्कृति को नहीं समझते, वे वंदेमातरम को क्या समझेंगे'; राजनाथ ने कांग्रेस को दिखाया आईना

संसद में वंदेमातरम पर चर्चा के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने वंदेमातरम को स्वराज का मंत्र बताते हुए कहा कि जो लोग देश की संस्कृति को नहीं समझते हैं, वे वंदेमातरम को क्या समझेंगे।

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राजनाथ सिंह ने वंदेमातरम पर विपक्ष को घेरा।

संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में विस्तार से चर्चा की गई। इस चर्चा में बोलते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वंदेमातरम को देश की आत्मा को अभिव्यक्त करने वाला गीत करार दिया। उन्होंने कहा कि न तो वंदे मातरम और न ही बंकिम चंद्र चटोपाध्याय का उपन्यास आनंदमठ इस्लाम विरोधी है। आनंदमठ के उदाहरण भारतीय इतिहास और वर्तमान सामाजिक संदर्भ दोनों से गहराई से जुड़े हैं।

बंकिम चंद्र के आनंदमठ को समझने की जरूरत

उन्होंने कहा कि आज बंकिम चंद्र के आनंदमठ को समझने की जरूरत है। वंदे मातरम के मूल स्वरूप में भारत की प्रकृति, संस्कृति और विशेषताओं का सौंदर्यपूर्ण चित्रण है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पंक्तियों को बाद में हटाया गया, उन्हें केवल जिन्ना की संकीर्ण राजनीतिक दृष्टि से देखकर ही विवादास्पद बताया जा सकता है। बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने गीत की कई पंक्तियों का अर्थ समझाया और कहा कि इसमें कहीं भी मूर्ति-पूजा को अनिवार्य या प्रमुख नहीं बनाया गया है। विपक्ष को घेरते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि सालों तक इस गीत को तुष्टीकरण की राजनीति में घसीटकर गलत तरीके से पेश किया गया। बिना नाम लिए कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग देश की आत्मा को नहीं समझते वे वंदेमातरम को क्या समझेंगे।

वंदेमातरम स्वराज का मंत्र

राजनाथ सिंह ने पू्र्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी सरकार का मंत्र ही ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' है। औक हम इसी समावेशी सोच के साथ आगे बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी की लड़ाई के दौरान कांग्रेस के कुछ स्वयंभू सेक्युलर नेताओं की मानसिकता ऐसी हो गई थी कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपरा से जुड़े किसी भी प्रतीक को वे सांप्रदायिक ठहराने लगते थे। उनके अनुसार, वंदे मातरम भी उसी संकीर्ण सोच का शिकार बना। उन्होंने यह भी कहा कि वंदेमातरम स्वराज का मंत्र है, और इसे सम्मान दिलाना हमारा नैतिक धर्म है।

कांग्रेस को वंदे मातरम् से ‘एलर्जी'- अनुराग ठाकुर

इससे पहले, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम से हमें एनर्जी मिलती है, वहीं विपक्षी दल को इससे एलर्जी होती है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के शताब्दी वर्ष पर आपातकाल लगाकर देश को अंधेरे में पहुंचाया। यह काम उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया और आज स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंदे मातरम् के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को देश के सामने रखा।

उन्होंने चर्चा की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान, सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी के अनुपस्थित रहने का जिक्र करते हुए कहा कि वंदे मातरम् गीत नहीं राष्ट्रीय प्रीत है इसलिए कांग्रेस इससे भयभीत है। जब चर्चा शुरू हुई तो उस परिवार के दो सदस्य सदन में ही उपस्थित नहीं थे जिसे दशकों तक नेतृत्व का मौका मिला।

ठाकुर ने सदन में प्रियंका गांधी वाद्रा के भाषण से पहले उन पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी गलियारों में चर्चा थी कि पिछले पांच दिन से प्रियंका जी तैयारी कर रही हैं और पूरा वंदे मातरम् बिना पढ़े सुनाएंगी। उन्होंने इतने महापाप किए हैं कि उनके प्रायश्चित का समय आ गया है।

भाजपा सांसद ने दावा किया कि नेहरू के कहने पर वंदे मातरम् के जो हिस्से काटे गए थे, उनमें देवी दुर्गा की स्तुति थी, शक्ति की अराधना थी। वंदे मातरम् से हमें एनर्जी मिलती है, कुछ लोगों को (कांग्रेस को) इससे एलर्जी होती है। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस आखिर इसका इतना विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की तरह समाजवादी पार्टी के कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रीय गीत का अपमान किया।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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