नई दिल्ली: चीन ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के भारत के फैसले का विरोध किया है। चीन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को दो संघ शासित प्रदेशों के रूप में विभाजन पर आपत्ति जताई और इसे गैरकानूनी और अमान्य बताया। इसके साथ ही चीन ने कहा कि चीन के कुछ क्षेत्र को अपने प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में शामिल करने के भारत के फैसले ने बीजिंग की संप्रभुता को चुनौती दी है।
चीन की इस टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'चीन को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी देने से बचना चाहिए। चीन का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बड़े इलाके पर कब्जा कायम है।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, हम अन्य देशों से भारत की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की उम्मीद करते हैं। पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में पुनर्गठन पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है।
31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित हो गया। भारत सरकार ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था और जम्मू-कश्मीर को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।
चीन ने पहले भी भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 रद्द करने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले का विरोध किया था। केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख के गठन पर आपत्ति जताते हुए चीन ने कहा था कि इस क्षेत्र में कुछ चीनी क्षेत्र शामिल है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने गुरुवार को मीडिया से कहा, 'भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर तथाकथित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों की स्थापना की घोषणा की जिसमें चीन के कुछ क्षेत्र उनके प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में शामिल थे।
उन्होंने कहा कि चीन ने नाराजगी जताई और इसका कड़ा विरोध किया। भारत ने चीन की संप्रभुता को चुनौती देते हुए एकतरफा अपने घरेलू कानूनों और प्रशासनिक विभाजन को बदल दिया। यह गैरकानूनी है और यह किसी भी तरह से प्रभावी नहीं है और इस तथ्य को नहीं बदलेगा कि यह क्षेत्र चीनी वास्तविक नियंत्रण में है।
चेंग ने कहा, 'चीन भारतीय पक्ष से आग्रह करता है कि वह चीनी क्षेत्रीय संप्रभुता का सम्मान करे, हमारी संधियों का पालन करे और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखे और सीमा के उचित समाधान के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाए।'
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