हिजाब गर्ल मुस्कान के फैन हुए असदुद्दीन ओवैसी, पिता से की बात, कहा- उसकी हिम्मत-बेबाकी से हमें हौसला मिला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2022, 04:29 PM IST

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हिजाब वाली लड़की मुस्कान और उसके पिता से बात की है और उसकी हिम्मत की दाद दी है। मुस्कान का वीडियो सामने आया था, जिसमें उसे हिजाब पहनने पर कई लोग घेर लेते हैं और नारेबाजी करते हैं।

हिजाब गर्ल मुस्कान के फैन हुए असदुद्दीन ओवैसी, पिता से की बात, कहा- उसकी हिम्मत-बेबाकी से हमें हौसला मिला

कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद काफी आगे बढ़ गया है। अब इस पर राष्ट्रीय बहस हो रही है। मंगलवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें देखा गया कि मांड्या जिले के पीईएस कॉलेज में हिजाब पहने कॉलेज की एक छात्रा को सैकड़ों छात्रों के गुस्से का खामियाजा भुगतना पड़ा। हिजाब पहने छात्रा को देखते ही छात्र जय श्री राम के नारे लगाने लगे। इससे नाराज होकर युवती ने अल्लाह-हु-अकबर का नारा लगाया। इससे भीड़ और भड़क गई और फिर जोर-शोर से जय श्री राम के नारे लगाते हुए युवाओं ने लड़की का कुछ दूरी तक पीछा भी किया।

इस वीडियो के सामने आने के बाद ही कई लोग खुलकर इस लड़की के समर्थन में आ गए हैं। राजनेता भी इसका सपोर्ट कर रहे हैं। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी इस लड़की की बहादुरी की खूब तारीफ कर रहे हैं। 

ओवैसी ने आज ट्वीट कर कहा कि मांडया PES कॉलेज कर्नाटक की वह बहादुर हिजाबी लड़की 'बीबी मुस्कान' जिसने हिंदुत्व शरपसंदों का डट कर मुकाबला किया। मैंने मुस्कान और उनके वालिद साहब से बात की और मुस्कान की हिम्मत और जसारत की दाद दी, हौसला अफजाई किया और कहा मुस्कान की बेबाकी को देख कर हमें भी हौसला मिला। इत्तेफाकनन 2018 के कर्नाटक असेंबली इंतेखाबात के दौरान जब हम JDS की ताईद कर रहे थे, तब एक प्रोग्राम में मुझे उनके वालिद से मुलाकात करने का मौका मिला था। मुस्कान की बेहतरीन परवरिश और तरबियत के लिए उनके वालिदैन को मुबारकबाद पेश करता हूं। 

इससे पहले उन्होंने कहा था कि हिम्मत और हौसला क्या होता है अगर आपको देखना है तो कर्नाटक की उन हिजाबी लड़कियों को देखें, जो दुश्मन के सामने नारे-तकबीर की सदाएं बुलंद कर रही हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से भी बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं टोपी पहनकर संसद जा सकता हूं, एक बच्ची हिजाब पहनकर स्कूल नहीं जा सकती? ये अधिकारों का मसला है, वो मुस्कान नहीं लक्ष्मी होती तब भी हम आवाज उठाते। ये अधिकारों की लड़ाई है। क्या कपड़े पहनने हैं ये लड़कियों का अधिकार है। बच्चियों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

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