मध्य प्रदेश: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को 1 साल की जेल, जानिए आखिर क्या था मामला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 26, 2022, 11:23 PM IST

Digvijay Singh jailed for 1 year:मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू समेत छह नेताओं को इंदौर की एक अदालत ने एक-एक साल की सजा सुनाई है।

मध्य प्रदेश: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को 1 साल की जेल, जानिए आखिर क्या था मामला

Digvijay Singh jailed: मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2011 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं से भिड़ंत के मामले में इंदौर की विशेष अदालत ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह समेत छह लोगों को शनिवार को एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।अदालत ने सभी छह दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

विशेष न्यायाधीश मुकेश नाथ ने दिग्विजय और उज्जैन के पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू को भारतीय दंड संहिता की धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 109 (दूसरे लोगों को मारपीट के लिए उकसाना) के तहत दोषी ठहराया, जबकि चार अन्य व्यक्तियों-अनंत नारायण, जय सिंह दरबार, असलम लाला और दिलीप चौधरी को धारा 325 के तहत दोषी करार दिया गया।

अदालत ने मामले के तीन अन्य आरोपियों-उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र के कांग्रेस विधायक महेश परमार, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।बाद में विशेष न्यायाधीश ने दिग्विजय समेत सभी छह दोषियों की अपील पर उनकी सजा पर फौरी रोक लगा दी और उन्हें 25,000-25,000 रुपये की जमानत पर रिहा कर दिया।

जमानत पर रिहा होने के बाद दिग्विजय ने संवाददाताओं को बताया कि वह विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को 'झूठी' करार देते हुए कहा, 'मेरा नाम घटना की मूल प्राथमिकी में आरोपी के रूप में दर्ज ही नहीं था। बाद में पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते मेरा नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया था।'

दिग्विजय और गुड्डू के वकील राहुल शर्मा ने कहा कि उनके दोनों मुवक्किलों को इस जुर्म में सजा सुनाई गई है कि उन्होंने भाजयुमो कार्यकर्ता रितेश खाबिया को पीटने के लिए अन्य लोगों को उकसाया था। बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया, 'अभियोजन के दस्तावेजों में खाबिया के दाएं हाथ में चोट लगने की बात कही गई है, जबकि असल में उसके बाएं हाथ की हड्डी टूटी थी।'

पुलिस के मुताबिक, भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय के अलग-अलग विवादित बयानों पर विरोध जाहिर करते हुए उन्हें 17 जुलाई 2011 को तब काले झंडे दिखाने की कोशिश की थी, जब उनका काफिला उज्जैन के जीवाजीगंज क्षेत्र से गुजर रहा था। पुलिस के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय, गुड्डू और अन्य लोगों की भाजयुमो के कार्यकर्ताओं से भिड़ंत हुई थी। 

End of Article