Nana Patekar Death Case Goa Police: भारतीय सिनेमा के सबसे धाकड़ और दमदार अभिनेताओं में शुमार विश्वनाथ गजानन पाटेकर (नाना पाटेकर) के अचानक हुए निधन के बाद गोवा में एक अहम कानूनी प्रक्रिया और जांच शुरू हो गई है। डोना पाउला स्थित उनके आवास पर बिगड़ी हालत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
इस घटना के तुरंत बाद पणजी पुलिस ने एक्शन लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death - UD) का मामला दर्ज कर लिया है।
ब्रॉट डेड की स्थिति में अस्पताल पहुंचे थे अभिनेता
पुलिस रिकॉर्ड और अस्पताल से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार:
घर पर बिगड़ी थी तबीयत: 76 वर्षीय अभिनेता को डोना पाउला के पॉश इलाके 'ओशन पार्क' (Ocean Park) स्थित उनके आवास से बांबोलिम स्थित 'मणिपाल अस्पताल' (Manipal Hospital) के कैजुअल्टी वार्ड लाया गया था।
अस्पताल में मृत घोषित: डॉक्टरों की जांच के बाद उन्हें मृत अवस्था में (Brought Dead) पाया गया।
जांच अधिकारी नियुक्त: घटना की संवेदनशीलता और मानक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक की देखरेख में मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
क्यों दर्ज की गई अप्राकृतिक मौत (UD) की FIR?
कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस प्रक्रिया के मुताबिक, जब भी किसी व्यक्ति की अचानक घर पर मौत होती है और उसे अस्पताल में मृत घोषित किया जाता है, तो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत पुलिस BNSS की धारा 194 (पुराने CRPC की धारा 174) के तहत मामला दर्ज करती है।
पुलिस अधिकारी अब यह सुनिश्चित करने के लिए सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों/स्टाफ के बयानों की जांच कर रहे हैं ताकि मौत की सटीक मेडिकल वजह का आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
मौत से कुछ घंटे पहले नाना पाटेकर ने क्या किया?
नाना पाटेकर ने निधन से करीब दो घंटे पहले बृहस्पतिवार तड़के साढ़े तीन बजे अपने एक दोस्त को संदेश भेजकर तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही थी। एक डॉक्टर ने यह जानकारी दी। मणिपाल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर ने बताया, 'दोस्त ने सुबह चार बजे संदेश देखा और पणजी के निकट डोना पाउला स्थित उनके अपार्टमेंट पहुंचा, जहां अभिनेता अपने देखभालकर्ता के साथ रह रहे थे।'
उन्होंने बताया कि दोस्त, जिसका नाम पता नहीं चल सका है, पाटेकर के पास घर पर ही रुका रहा और उसने देखभालकर्ता से एंबुलेंस के लिए अस्पताल जाने को कहा। डॉक्टर के अनुसार, 75 वर्षीय अभिनेता को अस्पताल लाया गया, जहां 45 मिनट तक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उनके फार्महाउस में बृहस्पतिवार रात पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पाटेकर के पुत्र मल्हार ने उन्हें मुखाग्नि दी। डोंजे गांव स्थित फार्महाउस में हजारों लोग पाटेकर को अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने 'नाना अमर रहें' के नारे लगाए। अभिनेता के सहयोगियों के अनुसार, पाटेकर ने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार फार्महाउस में किया जाए। नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार रात गोवा से पुणे लाया गया और इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हवाई अड्डे पर मौजूद थे। इसके बाद पार्थिव शरीर को सिंहगढ़ किले के पास डोंजे गांव स्थित अभिनेता के फार्महाउस ले जाया गया।
