Sachin Pilot News: कांग्रेस नेता और पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा। विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के मिलने से इनकार करने पर सवाल उठाए। विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर पायलट ने कहा कि यह बेहद अजीब है कि पूरा विपक्ष, यानी करीब 200 से 250 सांसद, चुनाव आयुक्त से मिलना चाहता है। वे सामने आए मुद्दों पर सवाल पूछना चाहते हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त मिलने को तैयार नहीं हैं।
'सांसदों को बसों में भरकर थानों ले जाया जाता है'
पायलट ने कहा कि सांसदों को हिरासत में लेकर बसों में थानों तक ले जाया जाता है, पर बातचीत से इनकार किया जाता है। उनके अनुसार इस गतिरोध में सरकार की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या अन्य अधिकारियों से सवाल पूछे जाते हैं, तो जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं। उन्होंने इसे "अजीबोगरीब स्थिति" बताया।
'वोट चोरी' के आरोपों का हवाला
'वोट चोरी' के आरोपों का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि अब जब वोट चोरी के मामले उजागर हो चुके हैं, तब सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका दावा है कि चुनाव आयोग के भीतर के लोग ही कह रहे हैं कि कानून उनसे सलाह किए बिना बनाए गए। पायलट के मुताबिक अपनाई गई असंवैधानिक प्रक्रियाओं के कारण ये कानून एक तरह से अवैध हैं। पायलट ने कहा कि सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी भी है और अधिकार भी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी राहुल गांधी वहां जाते हैं, भारी पुलिस बल तैनात कर दिया जाता है। उन्हें उठाकर बसों में बैठाया जाता है और इलाके से हटा दिया जाता है। उन्होंने कहा, 'यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।'
कई दिनों से जारी है प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन पिछले कई दिनों से दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। गुरुवार को प्रदर्शन का लगातार तीसरा दिन था। इंडिया गठबंधन के नेता राजघाट पहुंचे और 'सत्याग्रह' की भावना से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखने का संकल्प लिया। राजघाट पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहे।
दोनों पक्षों का रुख
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में अनियमितताएं हुईं और चुनाव आयोग ने उनकी चिंताओं का पर्याप्त समाधान नहीं किया। सत्तारूढ़ भाजपा और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। राजधानी में कई जगह प्रदर्शन हुए हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं, और दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनों के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की हैं। इंडिया गठबंधन का कहना है कि उसका अभियान मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। वहीं सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष चुनाव आयोग के कामकाज का राजनीतिकरण कर रहा है।
