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दिल्ली पुलिस का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस, पुलिस कार्रवाई के 11 'भ्रामक' पोस्ट हटाने को कहा

दिल्ली पुलिस ने हाल में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को कथित तौर पर भ्रामक तरीके से पेश करने वाले 11 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो हटाने या प्रतिबंधित करने के लिए नोटिस भेजा है। पुलिस ने कंटेंट से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई है।

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दिल्ली पुलिस ने भ्रामक पोस्ट हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भेजा नोटिस (File Photo)

Photo : ANI

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को कथित तौर पर भ्रामक तरीके से पेश करने वाले 11 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को हटाने या उनकी पहुंच सीमित करने के लिए एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कंटेंट से लोगों में गलत धारणा बन सकती है, सार्वजनिक प्रतिक्रिया भड़क सकती है और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

तीन घंटे में कार्रवाई के निर्देश

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (IFSO) के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत नोटिस जारी कर सोशल मीडिया मंच को निर्देश दिया कि सूचना मिलने के तीन घंटे के भीतर संबंधित यूआरएल को हटाया जाए या उन तक पहुंच प्रतिबंधित की जाए। यह कार्रवाई 24 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में हुई है। उस व्यक्ति पर AI से बनाया गया वीडियो प्रसारित करने का आरोप है, जिसमें गलत तरीके से एक पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर एक महिला का यौन उत्पीड़न करते दिखाया गया था।

पुलिस कार्रवाई को लेकर वीडियो पर सवाल

पुलिस ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस फर्जी सामग्री का प्रसार दिल्ली पुलिस को बदनाम करने और प्रदर्शनों के दौरान असंतोष पैदा करने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। नोटिस के अनुसार इन 11 पोस्ट में ऐसे वीडियो थे जो उस प्रदर्शन से संबंधित थे। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

वीडियो में कार्रवाई का एकतरफा चित्रण करने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धक्का दिया, अवरोधक हटाए या उनके ऊपर से छलांग लगाई और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करने के निर्देश के बावजूद जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की। नोटिस में कहा गया कि जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस का रास्ता रोकना या उसका विरोध करना जारी रखा, तो तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए कुछ लोगों को रोका या हिरासत में लिया। इसमें कहा गया कि वीडियो में बाद की पुलिस कार्रवाई को ’’दुर्व्यवहार या अनुचित बल प्रयोग’’ के रूप में ’’चुनिंदा तरीके से’’ दिखाया गया है और कथित तौर पर उन पहले की घटनाओं को हटा दिया गया है, जिनमें रास्ता रोकना, विरोध करना और निर्देशों का पालन नहीं करना शामिल था तथा जिनके कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस ने कहा कि इस तरह का ’’चुनिंदा, भ्रामक और अधूरा’’ चित्रण पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर गलत धारणा पैदा कर सकता है, लोगों को उकसा सकता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई वैध कार्रवाई में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकता है। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मंच से संबंधित सामग्री हटाने या उस तक पहुंच प्रतिबंधित करने को कहा है। साथ ही, साक्ष्य के उद्देश्य से संबंधित डेटा, लॉग और ग्राहकों की जानकारी सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया है। नोटिस में सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयानों का उल्लेख किया गया है, जिनमें झूठी सूचना या अफवाह और मानहानि से संबंधित सामग्री शामिल है।

AI वीडियो मामले में 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार

प्रदर्शनों से संबंधित सोशल मीडिया सामग्री और पुलिस कार्रवाई के बारे में कथित तौर पर भ्रामक या छेड़छाड़ की गई सामग्री के जरिए धारणा बनाने की कोशिशों को लेकर बढ़ी जांच-पड़ताल के बीच पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने छह अक्टूबर को मेवात क्षेत्र से नदीम अहमद अमीन को गिरफ्तार किया था। उस पर पुलिसकर्मी से संबंधित एक फर्जी एआई-निर्मित वीडियो प्रसारित करने का आरोप है। अधिकारियों ने कहा कि जांचकर्ता उन अन्य सोशल मीडिया खातों की भी पहचान कर रहे हैं जो कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने के लिए गलत धारणा बनाने में शामिल हैं। वे यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या ऐसी सामग्री का प्रसार पहले से बनाई गई किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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