'फ्लावर समझा क्या', केजरीवाल को विश्वास की चुनौती- वह कह दे कि खालिस्तानियों को नहीं पनपने दूंगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2022, 06:59 PM IST

कवि कुमार विश्वास ने एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। कुमार विश्वास ने कहा कि वह खालिस्तानियों के खिलाफ एक बयान देकर दिखाएं।

'फ्लावर समझा क्या', केजरीवाल को विश्वास की चुनौती- वह कह दे कि खालिस्तानियों को नहीं पनपने दूंगा
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के संस्थापक सदस्य रहे कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर तीखा हमला किया है। अरविंद केजरीवाल के 'स्वीट टेररिस्ट' वाले बयान पर कुमार तगड़ा पलटवार किया है। कुमार विश्वास के आरोपों के बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी भूचाल मच गया है। इस बीच कुमार विश्वास ने केजरीवाल को खालिस्तान के मुद्दे को लेकर भी बोलने की चुनौती दी है।

बताईं केजरीवाल की दो विशेषताएं

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कुमार ने कहा,  'देखिए उनकी दो विशेषताएं हैं और दो चीजों में वो बहुत माहिर है, पहला तो बड़े आत्मविश्वास के साथ सफेद झूठ बोलना कोई भी, दूसरा ये कि एक सूरत बनाकर ये सिद्ध करना की पूरी दुनिया उनके पीछे पड़ी हुई है। इस प्रक्रिया के जरिए एक समय में उन्होंने पूरे देश का मूर्ख बनाया, फिर हम साथियों का मूर्ख बनाया, फिर एक प्रदेश के लोगों पर डोरा डाला। यहां तक तो बात आती जाती रही। सरकार जीते या हारे लेकिन अगर देश की बात थी और मुझसे किसी इंटरव्यू में एक वाक्य निकला तो उसमें इतनी परेशानी क्यों है? वो आएं ना, मुझसे बात करें.. तो उन्होंने एक बार भी ये नहीं कहा'

मीटिंग का किया जिक्र

केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए विश्वास ने कहा, 'मैं तो ये पूछना चाहता हूं कि आपको तो किसी ने टेररिस्ट नहीं कहा, पर हां मुझे और देश को बताइए कि क्या पिछले चुनाव में आपके घर पर आतंकियों से हमदर्दी रखने वाले लोग बात कराने आते थे कि नहीं?  जब मैंने उस पर आपत्ति उठाई थी तो पंजाब की मीटिंग से मुझे बाहर कर दिया गया था या नहीं। और मैंने एक दिन रंगे हाथों पकड़ी थी घर पर मीटिंग, बाहर एक प्रहरी भी खड़ा था कि नहीं-नहीं अंदर नहीं जाना है, मैंने उसे धक्का दिया, हरियाणा का प्रहरी था वो, मैंने कहा साइड हट। अंदर जाकर देखा तो वहीं लोग थे, मैंने कहा किनके साथ मिल रहा है, बोला- नहीं नहीं कुछ नहीं, इसका बड़ा फायदा हो रहा है। तो वो ये बताएं, वो ये बताएंगे नहीं, बांकि सब तरह के आरोप प्रत्यारोप करते रहेंगे।'

बहस की चुनौती

कुमार ने आगे कहा, 'दूसरा वो किसी प्लेटफॉर्म पर आकर बहस क्यों नहीं करते हैं। मुझे वो कहते हैं कि कवि है, हास्य कवि है। अरे भईया मैं तो पढ़ा लिखा हूं। फोर फर्स्ट क्लास हूं, गोल्ड मेडलिस्ट हूं, कॉलेज में पढ़ाया है 17 साल। तुम तो एक ऐसे हास्य कलाकार को लिए घूम रहे हो जिससे 10वीं, 12वीं भी 3 बार में हुई है। तुम तो कल को वह कोई गड़बड़ी कर देगा तो कह दोगे कि वो तो हास्य व्यंग्य का आदमी है मैं क्या करूं। दश का मुद्दा है। राहुल गांधी और मोदी कम से कम राष्ट्रीय अखंडता के मामले में तो एक हैं। राहुल गांधी अपने पिता और अपनी दादी को इसी राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर खो चुके हैं। प्रधानमंत्री कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत का संविधान एकसार कर चुके हैं।'

खालिस्तान के खिलाफ बोलकर दिखाएं केजरीवाल

केजरीवाल को चुनौती देते हुए कुमार ने कहा, 'मैं उसे (केजरीवाल) को चुनौती देता हूं, आम आदमी पार्टी का फाउंडर सदस्य, कि इस देश को तोड़ने वाली किसी भी चीज के खिलाफ मैं खून की आखिरी बूंद तक लडूंगा। वो ये कह दे कि मैं खालिस्तान के खिलाफ लड़ूंगा। वो ये कह दे कि मैं ये खालिस्तानियों के खिलाफ लड़ूंगा और खालिस्तानियों को पनपने नहीं दूंगा। दिल्ली में नहीं पनपने दूंगा किसी और राज्य में भी नहीं पनपने दूंगा... ऐसा बोल दे, एक बार बोल दे। क्या चुनाव- चुनाव करता है, इतनी बात कह दे कि मैं खालिस्तान के खिलाफ हूं। मेरे खिलाफ तो प्रोपेंगेंडा तो वैश्विक कर दिया... ये विक्टिम कार्ड बहुत खेल लिया कि मैं तो गरीब आदमी हूं, भला आदमी हूं.. बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी।'

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