5-18 साल के बच्चों के लिए आ गई 3 कोविड-19 वैक्सीन, जानें किसकी क्या है खासियत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 26, 2022, 03:50 PM IST

Covid 19 Vaccine for 5-18 Years Old Children: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 5 से 18 साल की उम्र के  बच्चों के लिए तीन और कोविड-19 वैक्सीन की आपात मंजूरी दे दी है।

5-18 साल के बच्चों के लिए आ गई 3 कोविड-19 वैक्सीन, जानें किसकी क्या है खासियत
Photo Credit: BCCL

Covid 19 Vaccine for 5-18 Years Old Children: देश में 5 से 18 साल की उम्र के  बच्चों के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने तीन और कोविड-10 वैक्सीन की आपात मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब देश में 5-12 साल की उम्र के बच्चों को Corvebax, 6-12 साल की उम्र के बच्चों को Covaxin और 12 साल से ज्यादा के उम्र के बच्चों और व्यस्कों को Zycov-D वैक्सीन 2 डोज वाली लगाई जा सकेगी। यानी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बच्चों के लिए 3 और वैक्सीन मिल गई है। 

बच्चों को अब तक 16 करोड़ डोज

देश में बच्चों के लिए कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने की शुरुआत 3 जनवरी से हुई थी। शुरू में 15 से 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कोवैक्सिन ही लगाई जा रही थी। बाद में 16 मार्च से 12 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरु किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक 12-18 साल से कम उम्र तक के बच्चों को 16 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है।

नई वैक्सीन में किसकी क्या खासियत

अब चूंकि बच्चों को टीका लगाने के लिए 3 नई वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। तो यह जानना भी जरूरी है कि इन वैक्सीन की क्या खासियत है...

Covaxine: कोवैक्सीन भारत बॉयोटेक द्वारा बनाई गई स्वदेशी वैक्सीन है। जो  कि 6-12 साल के बच्चों को भी लगाई जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)के अनुसार कोविड-19 से बचाव के लिए इसका 2 डोज लगना जरूरी है। और दो डोज के बीच 4 हफ्ते का अंतराल होना चाहिए। दोनों डोज लगने के बाद वैक्सीन का 4-6 महीने बाद बूस्टर डोज दिया जा सकता है। दुनिया के 23 देश इसे लगाने का लाइसेंस जारी कर चुके हैं।

जहां तक वैक्सीन की प्रतिरोधक क्षमता (Efficacy Rate)की बात है तो यह दूसरी डोज लगने के 14 दिन या उसके बाद 78 फीसदी है। वहीं 60 साल से कम उम्र में इसकी Efficacy Rate 79 फीसदी है।

Corvebax: कॉर्वीबैक्स वैक्सीन फिलहाल 12 साल से उपर की उम्र के बच्चों को लगाई जा रही है। यह वैक्सीन देश में ही विकसित की गई है। कोविड-19 के खिलाफ यह प्रोटीन सब यूनिट वैक्सीन है। इसके दो डोज लगते है। पहले और दूसरे डोज के बीच 28 दिन का अंतर होता है। इस वैक्सीन को पूरे वायरस की जगह स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल करके बनाया गया है।अब यह 5-12 साल के उम्र के बच्चों को लगाई जाएगी। चूंकि इस वैक्सीन को आपात स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। इसलिए इसके प्रतिरोधक क्षमता के बारे में ठोस प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है। लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स में इसे 80 फीसदी तक बताया गया है।
 
Zycov-D:
भारत में बनी Zycov-D दुनिया की पहली डीएनए बेस्‍ड वैक्‍सीन है। यह एक स्वदेशी वैक्सीन है, जिसे बिना इंजेक्शन के दिया जा सकता है।इंजेक्‍टर के जरिये यह वैक्‍सीन शरीर में डाली जाएगी, जिसमें दर्द न के बराबर होगा। इस वैक्सीन को 3 डोज के जरिए दिया जाता है। लेकिन अब इसे 2 डोज के जरिए दिया जा सकेगा। इसकी प्रतिरोधक क्षमता क्लीनिक ट्रॉयल के आधार पर 66.6 फीसदी आंकी गई है।

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