Narendra Modi in Kshetriya Panchayati Raj Parishad Meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के निचले सदन लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर अपने भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों के वॉकआउट को लेकर फिर तीखा हमला बोला है। पश्चिम बंगाल के प्रोग्राम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर का जिक्र छेड़ा और कहा कि "घमंडिया" बीच में ही सदन छोड़कर इसलिए भाग गए थे क्योंकि वे लोग उस प्रस्ताव पर वोटिंग से खौफ खा गए थे।
दरअसल, शनिवार (12 अगस्त, 2023) को पीएम बंगाल के क्षेत्रीय पंचायती राज परिषदों की बैठक को संबोधित करते हुए बोले, "आप लोगों ने देखा होगा कि हमने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को हराने के साथ देश भर में नकारात्मकता फैलाने के सिलसिले को भी करारा जवाब दिया। हालत यह थी कि चर्चा के दौरान विपक्षी हमारी बात सुनने के बजाय बीच में ही भाग गए थे।"
पीएम आगे बोले- उनकी ओर से बहानेबाजी कुछ भी की गई हो, मगर सच यही था कि वह प्रस्ताव पर वोटिंग से डर गए थे। वे नहीं चाहते थे कि मतदान हो। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर वोटिंग होती तो घमंडिया गठजोड़ की पोल खुल जाती। कौन किसके साथ है?...इस बात का दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता।
बकौल मोदी, "यह दुखद है कि इन लोगों ने मणिपुरवासियों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया है। सत्र से पहले ही देश के गृह मंत्री ने इन दलों से चिट्ठी लिखकर कहा था कि वह चर्चा चाहते हैं, पर संवेदनशील विषय पर बात के बजाय ये लोग मणिपुर पर चर्चा नहीं चाहते थे। वे जानते थे कि वहां का सच उन्हें सबसे अधिक चुभता।"
प्रधानमंत्री के मुताबिक, विपक्ष के नेताओं का मणिपुर के लोगों के दुख-दर्द से कोई वास्ता नहीं है। मणिपुर की चर्चा टाल दी गई और प्रस्ताव लाकर सियासी मुद्दों से सदन के तीन दिन तक उन्होंने अपना स्कोर करने की कोशिश की। उन्होंने इस दौरान बेसिर-पैर की बातें कीं और अनर्गल आरोप भी लगाए।"
