राशन कार्ड का फायदा आने वाले समय में सभी प्रवासी श्रमिकों को मिल सकेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मजदूरों को सिर्फ इस आधार पर राशन कार्ड देने से सरकारें मना नहीं कर सकतीं कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत जनसंख्या अनुपात सही तरह से नहीं रखा गया है। कोर्ट की ओर से इस दौरान यह भी कहा गया कि हर किसी को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को टॉप कोर्ट में जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला की बेंच ने इस बाबत कहा कि हर नागरिक को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और किसी कल्याणकारी राज्य में सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों तक पहुंचे।
बेंच ने आगे कहा, ‘‘हम यह नहीं कह रहे कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाई या कोई लापरवाही हुई है। फिर भी अगर कुछ लोग छूट जाते हैं तो केंद्र और राज्य सरकारों को देखना चाहिए कि उन्हें राशन कार्ड मिल जाए।’’
कोर्ट की ओर से टिप्पणी की गई कि केंद्र सरकार या कोई राज्य सरकार इस आधार पर राशन कार्ड देने से मना नहीं कर सकती हैं एनएफएसए के तहत जनसंख्या अनुपात उचित तरीके से नहीं रखा गया।
