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'आजादी की सुबह की पहली चाय...' जेल से छूटने के बाद मनीष सिसोदिया ने पत्नी संग शेयर की पहली तस्वीर

Manish Sisodia: जेल से रिहा होने के बाद मनीष सिसोदिया ने अपनी पत्नी के साथ चार पीते हुए एक तस्वीर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है, आजादी की सुबह की पहली चाय, 17 महीने बाद। बता दें, सिसोदिया 17 महीने से शराब घोटाले में जेल में बंद थे।

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मनीष सिसोदिया ने पत्नी संग शेयर की तस्वीर।

Photo : Twitter

Manish Sisodia: आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को 17 महीने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल से रिहा होने के बाद सिसोदिया ने शनिवार सुबह एक तस्वीर शेयर की। वह अपनी पत्नी के साथ चाय पीते हुए नजर आए। मनीष सिसोदिया ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- आजादी की सुबह की पहली चाय, 17 महीने बाद।

सिसोदिया ने इस सोशल मीडिया पोस्ट पर आगे लिखा, वह आजादी जो संविधान ने हम सब भारतीयों को जीने के अधिकार की गारंटी के रूप में दी है। वह आजादी जो ईश्वर ने हमें सबके साथ खुली हवा में सांस लेने के लिए दी है। बता दें, मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में लंबे समय से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह शुक्रवार को रिहा हुए।

केजरीवाल के घर पहुंचे थे सिसोदिया

इससे पहले शुक्रवार (9 अगस्त) को तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीएम अरविंद केजरीवाल के घर जाकर उनकी धर्मपत्नी सुनीता केजरीवाल और उनके माता-पिता से मुलाकात की थी। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो तिहाड़ से सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। इस दौरान मनीष सिसोदिया से मिलकर सुनीता केजरीवाल भावुक हो उठीं। मनीष सिसोदिया ने सीएम अरविंद केजरीवाल के माता-पिता का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और हालचाल जाना।

आप नेताओं से भी की मुलाकात

इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्रियों और विधायकों से भी मुलाकात की और उनके बीच काफी देर तक अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य और अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसके बाद मनीष सिसोदिया अपने घर पहुंचे और अपनी पत्नी व सास से मिलकर भावुक हो गए। इस मौके पर सांसद संजय सिंह, सांसद डॉ. संदीप पाठक, मंत्री आतिशी, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, आदिल खां समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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