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मंदिर की दानपेटी में गिरा भक्त का iPhone,मंदिर प्रशासन बोला-'हुंडी में रखी हर चीज़ मंदिर की संपत्ति', देने से इंकार

Devotee iPhone in Tamilnadu Temple Hundi: तमिलनाडु में एक दिलचस्प मामला सामने आया है यहां के एक मंदिर में पैसा चढ़ाते समय भक्त का iPhone दानपेटी में गलती से गिर गया, वहीं मंदिर प्रशासन ने इसे देने से इनकार करते हुए कहा- 'ये भगवान का हुआ'

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तमिलनाडु में एक दिलचस्प मामला सामने आया है

KEY HIGHLIGHTS
  1. तमिलनाडु में थिरुपुरुर के अरुलमिगु कंदस्वामी मंदिर में एक भक्त ने अनजाने में अपना iPhone गिरा दिया
  2. मंदिर ने फोन को अपनी संपत्ति बताया है, कहा- 'हुंडी में जो कुछ भी गिराया जाता है वह देवता का होता है'
  3. दिनेश ने HR और CE अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई

Devotee iPhone in Tamilnadu Temple Hundi: भारत के तमिलनाडु के थिरुपुरुर (Thiruporur) में एक भक्त का iPhone गलती से मंदिर के दान-पात्र में गिर गया, मंदिर के अधिकारियों ने इसे वापस करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि हुंडी में गिराई गई कोई भी चीज मंदिर की संपत्ति बन जाती है। उन्होंने उसे सिम कार्ड और डेटा तक पहुँच देने की पेशकश की, लेकिन भक्त ने फोन वापस करने की विनती की और उसका भाग्य (leaving its fate) मंदिर के हाथों में छोड़ दिया।

तमिल फिल्म 'पलयाथम्मन' (Tamil movie 'Palayathamman') में, एक महिला गलती से अपने बच्चे को मंदिर की 'हुंडी' (donation box) में गिरा देती है और बच्चा 'मंदिर की संपत्ति' बन जाता है। चेन्नई के पास थिरुपुरुर के अरुलमिगु कंदस्वामी मंदिर में, एक भक्त ने अनजाने में हुंडी में बच्चा नहीं बल्कि एक iPhone गिरा दिया। नतीजा वही हुआ, इस मंदिर ने भी फोन को अपनी संपत्ति बताया है। विनयागपुरम के एक श्रद्धालु दिनेश को शुक्रवार को खाली हाथ घर लौटना पड़ा क्योंकि मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि हुंडी में जो कुछ भी गिराया जाता है वह देवता का होता है।

हालांकि, उन्होंने उसे सिम कार्ड देने और फोन से डेटा डाउनलोड करने की पेशकश की। दिनेश एक महीने पहले अपने परिवार के साथ मंदिर गए थे और पूजा के बाद हुंडी में कुछ पैसे डालने गए थे। उन्होंने कहा कि जब वह अपनी शर्ट की जेब से नोट निकाल रहे थे, तो उनका आईफोन गलती से हुंडी में गिर गया। चूंकि हुंडी ऊंचाई पर रखी गई थी, इसलिए वह फोन नहीं निकाल सके।

घबराए हुए दिनेश ने मंदिर के अधिकारियों से संपर्क किया। हालांकि, उन्होंने उसे बताया कि एक बार हुंडी में चढ़ावा डाल देने के बाद, इसे देवता की संपत्ति माना जाता है और इसे वापस नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, परंपरा के अनुसार, हुंडी दो महीने में केवल एक बार खोली जाती है। दिनेश ने HR और CE (Hindu Religious and Charitable Endowments) अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

फोन से कोई भी महत्वपूर्ण डेटा डाउनलोड करने का विकल्प दिया गया

जब मंदिर के अधिकारियों ने शुक्रवार को हुंडी खोली, तो दिनेश अपना फोन वापस लेने के लिए दौड़े, लेकिन उन्हें बताया गया कि डिवाइस मंदिर में रहेगी। उन्हें सिम कार्ड लेने और फोन से कोई भी महत्वपूर्ण डेटा डाउनलोड करने का विकल्प दिया गया। दिनेश ने पहले ही एक नया सिम कार्ड प्राप्त कर लिया था और फोन वापस करने के अपने अनुरोध पर निर्णय लेने का काम अधिकारियों पर छोड़ दिया।

मंदिर के कार्यकारी अधिकारी कुमारवेल ने कहा कि हुंडी में गिराई गई किसी भी चीज को मंदिर और देवता का मानने की परंपरा का पालन किया जाएगा और फोन को मंदिर में रखा जाएगा। कुमारवेल ने कहा, 'हमें यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इसे चढ़ावे के तौर पर गिराया था और बाद में अपना विचार बदल दिया, क्योंकि हुंडी लोहे की बाड़ से अच्छी तरह सुरक्षित है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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