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60 साल की शिवसेना: बुलंदी से बगावत तक, जानें स्थापना से बिखरने तक के प्रमुख घटनाक्रम

एक समय महाराष्ट्र की राजनीति में दबदबा रखने वाली शिवसेना धीरे-धीरे बिखरती और टूटती जाएगी, इसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव और स्थिर नहीं होता। समय, हालात और परिस्थिति को देखते हुए नेता अपना सियासी चोला बदलते रहे हैं।

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महाराष्ट्र में सियासत फिर गरमा गई है। तस्वीर-AI

Shivsena Crisis: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले पार्टी टूटी और अब छह सांसद भी उससे अलग हो गए हैं। रिपोर्टों की मानें तो आगे शिवसेना (यूबीटी) के विधायक भी बागी तेवर अपना सकते हैं। यहां तक कि चर्चा यह भी है कि बीएमसी में भी उद्धव गुट के पार्षद बगावत का रास्ता अख्तियार कर सकते हैं। एक समय महाराष्ट्र की राजनीति में दबदबा रखने वाली शिवसेना धीरे-धीरे बिखरती और टूटती जाएगी, इसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव और स्थिर नहीं होता। समय, हालात और परिस्थिति को देखते हुए नेता अपना सियासी चोला बदलते रहे हैं। यहां हम शिवसेना की स्थापना से लेकर उसके बिखरने तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में जानेंगे-

1966: शिवसेना की स्थापना

19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने मुंबई में शिवसेना की स्थापना की

शुरुआत में पार्टी का मुख्य एजेंडा "मराठी मानुष" और स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाना

1980 का दशक: हिंदुत्व की ओर झुकाव

पार्टी ने क्षेत्रीय राजनीति से आगे बढ़कर हिंदुत्व को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया

बाल ठाकरे और लाल कृष्ण आडवाणी के दौर में भाजपा-शिवसेना गठबंधन मजबूत हुआ

1995: पहली बार सत्ता में

भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र में सरकार बनाई

शिवसेना के मनोहर जोशी राज्य के मुख्यमंत्री बने

इसी दौर में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई किया गया

2006: राज ठाकरे का अलग होना

राज ठाकरे ने पार्टी नेतृत्व को लेकर मतभेदों के बाद शिवसेना छोड़ी

उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गठन किया

2012: बाल ठाकरे का निधन

17 नवंबर 2012 को बाल ठाकरे का निधन हुआ

इसके बाद पार्टी की कमान उनके बेटे उद्धव ठाकरे के हाथों में आई

2014: भाजपा-शिवसेना में तनाव

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों का दशकों पुराना गठबंधन टूट गया

हालांकि बाद में शिवसेना महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गई

2019: मुख्यमंत्री पद पर विवाद

विधानसभा चुनाव भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने साथ लड़ा

रिजल्ट आने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद हुआ

शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़कर NCP और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी सरकार बनाई

उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने

2022: एकनाथ शिंदे की बगावत

जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने बगावत कर दी

उद्धव ठाकरे सरकार गिर गई

शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने

2023: नाम और चुनाव चिन्ह पर फैसला

चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना

पार्टी का नाम "शिवसेना" और चुनाव चिन्ह धनुष-बाण शिंदे गुट को मिला

उद्धव गुट को नया नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मिला

2024-2026: दो शिवसेनाओं की राजनीति

महाराष्ट्र की राजनीति में अब दो प्रमुख शिवसेना गुट सक्रिय हैं

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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