'अमेरिकी टैरिफ टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पहुंचा रहा नुकसान', राहुल गांधी बोले- मोदी सरकार ने नहीं दी कोई राहत
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 23, 2026, 10:35 PM IST
Dead Economy: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अमेरिकी टैरिफ को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मिस्टर मोदी ने 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से हुए नुकसान को लेकर न तो कोई राहत दी और न ही टैरिफ के बारे में कुछ कहा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो)
Dead Economy: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अमेरिकी टैरिफ को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मिस्टर मोदी ने 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से हुए नुकसान को लेकर न तो कोई राहत दी और न ही टैरिफ के बारे में कुछ कहा है।
राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ''50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ और अनिश्चितता भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। नौकरियों का जाना, फैक्ट्रियां बंद होना और ऑर्डर कम होना हमारी 'मृत अर्थव्यवस्था' की सच्चाई है।''
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने कोई राहत नहीं दी है और न ही टैरिफ के बारे में कुछ कहा है, जबकि 4.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां और लाखों उद्योग खतरे में हैं। मोदी जी, आप ज़िम्मेदार हैं; कृपया इस मामले पर ध्यान दें!
रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है टेक्सटाइल इंडस्ट्री
राहुल गांधी ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बारे में विस्तार से समझने के लिए फैक्ट्री संचालक और वहां पर काम करने वाले वर्कर्स से बात की। इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। बकौल वीडियो, फैक्ट्री संचालक ने राहुल गांधी से बातचीत में बताया कि भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री रोजगार का एक बड़ा केंद्र है, जो कृषि के बाद देश में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है।
उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री एक श्रम प्रधान उद्योग है, जहां सिलाई की एक मशीन पर महज एक ही व्यक्ति काम कर सकता है। बकौल फैक्ट्री संचालक, उनकी तीन यूनिटों में लगभग 500 वर्कर्स काम करते हैं, जिनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूर हैं।
गिरिराज सिंह ने किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री बंद नहीं हुई है, सिर्फ उन लोगों के दिमाग में बंद है, जो देश के बारे में नकारात्मकता फैला रहे हैं। अप्रैल से दिसंबर 2024 तक निर्यात 95000 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल से दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,02,000 करोड़ रुपये हो गया है। तो वह किसकी बात कर रहे हैं? कौन सा निर्यात कम हुआ है? जो लोग भ्रम फैला रहे हैं, वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
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