Rajasthan: राजस्थान में दर्जनों दलित परिवार ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म को अपना लिया है। मिली जानकारी के अनुसार 250 दलितों ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। दावा है कि इनके साथ सवर्ण समुदाय के लोगों ने अत्याचार किया था, जिससे तंग आकर इन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया।
घटना बारां जिले के छाबड़ा प्रखंड के भुलोन गांव की है। इन लोगों ने धर्म परिवर्तन के साथ ही अपने घरों में मौजूद हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों को बेथली नदी में विसर्जित कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शुक्रवार को गांव में आक्रोश रैली नाम से एक विरोध प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान लोगों की काफी भीड़ भी वीडियो में दिख रही है।
राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए दलितों ने आरोप लगाया है कि 15 दिन पहले देवी दुर्गा की आरती करने पर सवर्णों ने दलित समुदाय के दो युवकों के साथ मारपीट की थी। बैरवा महासभा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बालमुकंद बैरवा ने आरोप लगाया कि भुलोन गांव में दलित समुदाय के युवक राजेंद्र और रामहेत ने देवी दुर्गा की आरती का आयोजन किया था। जिससे ऊंची जाति के लोग नाराज हो गए और इनकी जमकर पिटाई कर दी।
उन्होंने कहा- "हमने राष्ट्रपति से लेकर जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन मारपीट के आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हमने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया।"
बापचा थानाध्यक्ष ने बताया कि 25-30 लोगों ने भुलोन गांव में एक जुलूस में हिस्सा लिया था और सरपंच राहुल शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की थी। उन्होंने शुक्रवार को देवी-देवताओं की मूर्तियों को नदी में विसर्जित कर बौद्ध धर्म अपनाने का भी दावा किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब कुछ और लोगों को आरोपी बनाया जा रहा है और हम मामले की जांच कर रहे हैं।
