जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या कहा जाए, जिस दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी लोगों को अपराध से सुरक्षित रखना है, वही अगर अपराध करने लगे तो दिल्लीवासियों को कौन बचाएगा? दिल्ली में शनिवार की रात को ऐसी घटना घटी है, जिससे लोगों का पुलिस व्यवस्था पर से सवाल ही उठने लगा है।
ये है आरोप
दिल्ली पुलिस के तीन स्टाफ पर आरोप लगा है कि उन्होंने न केवल एक शख्स का अपहरण करके पैसे वसूले, बल्कि उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। इस मामले में पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली गई है। दिल्ली के दो पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर एक सेल्स टैक्स एजेंट का अपहरण करने और उससे 1.5 लाख रुपये की उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
कैसे रचा खेल
घटना 11 अक्टूबर की रात की है। मामला अब सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित शख्स जब रात में अपने घर लौट रहा था, तब शाहदरा फ्लाईओवर के पास आरोपी पुलिस कर्मियों ने उसकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोक लिया। उसके बाद आरोपी कार से उतरे और पीड़ित के सीने पर पिस्तौल तान दी। उस समय पीड़ित के पास 35 हजार रुपये थे, जिसे आरोपियों ने ले लिया। इसके बाद पीड़ित को अगवा कर पुलिस कर्मी कई जगह ले गए। बाद में घर ले जाकर 50 हजार रुपये वसूले और 70 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए।
शिकायत के बाद खुला राज
इस घटना की शिकायत जब पुलिस के पास पहुंची तो अधिकारियों के हाथ-पैर फुल गए। जांच शुरू की गई। इलाके के डीसीपी ने मामले को खुद अपने हाथ में लिया जिसके बाद काफी जद्दोजहद के बाद मामला दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने सीमापुरी पुलिस थाने के दो कांस्टेबल संदीप और रॉबिन और वाहिद नाम के एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस का एक अन्य कांस्टेबल अमित और सीमापुरी का एक बदमाश गौरव उर्फ अन्ना फरार है।
