Mahakal Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज 'महाकाल लोक' (
बलुआ पत्थर से बनाए गए हैं 108 पिलर
उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव (Shiva) के सबसे पवित्र निवास माने जाने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। करीब 900 मीटर लंबे कॉरिडोर में बलुआ पत्थर से 108 पिलर बनाए गए हैं, जिनके ऊपर त्रिशूल की आकृति उकेरी गई और उनके ऊपर भगवान शिव की 'मुद्राएं' बनाई गई हैं। इसके साथ ही यहां खूबसूरत लाइटें भी लगाई हैं। इसके साथ ही यहां भगवान शिव, पार्वती माता समेत कई देवी-देवताओं की 200 मूर्तियां बनाई गई हैं।
पर्यटकों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद
साथ ही कॉरिडोर में फव्वारे भी लगाए गए हैं और बीच में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं, माना जा रहा है कि अब उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में और तेजी से इजाफा होगा, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ने की संभावनाएं हैं। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या मौजूदा डेढ़ करोड़ सालाना से बढ़कर दोगुना होने का अनुमान है।
महाकाल कॉरिडोर घूमने में श्रद्धालुओं को लगेंगे करीब 5 घंटे
उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर, काशी विश्वनाथ मंदिर से 4 गुना बड़ा और विशाल है। महाकाल कॉरिडोर 20 हेक्टेयर में बन रहा है। पूरे मंदिर में घूमने और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करीब 5-6 घंटे का समय लगेगा। महाकाल कॉरिडोर में भगवान शंकर के विभिन्न रूपों के दर्शन करने को मिलेंगे। यहां भगवान शिव के करीब 190 स्वरूपों को दिखाया जाएगा। कॉरिडोर के बीच में भगवान शंकर की कई बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं भी हैं। महाकाल कॉरिडोर के अंदर जो मूर्तियां लगाई गई हैं, उन सभी पर क्यूआर कोड लगा होगा। जैसे ही आप इन मूर्तियों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, आपको सारी जानकारी मिल जाएगी
