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200 मूर्तियां, 108 पिलर, घूमने में लगेंगे 5 घंटे; जानिए और क्या है 'महाकाल लोक' की खासियत

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  • Updated Oct 11, 2022, 12:02 AM IST

Mahakal Corridor: उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे पवित्र निवास माने जाने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। करीब 900 मीटर लंबे कॉरिडोर में बलुआ पत्थर से 108 पिलर बनाए गए हैं, जिनके ऊपर त्रिशूल की आकृति उकेरी गई और उनके ऊपर भगवान शिव की 'मुद्राएं' बनाई गई हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी आज ‘महाकाल लोक' का करेंगे उद्घाटन।

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. प्रधानमंत्री मोदी आज ‘महाकाल लोक' का करेंगे उद्घाटन
  2. महाकाल कॉरिडोर घूमने में श्रद्धालुओं को लगेंगे करीब 5 घंटे
  3. 'महाकाल लोक' के उद्घाटन के बाद पर्यटकों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद

Mahakal Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज 'महाकाल लोक' (Mahakal Lok) का उद्घाटन करने उज्जैन (Ujjain) आ रहे हैं। इस दौरान वह 856 करोड़ रुपए की लागत वाली महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर विकास परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी शाम करीब छह बजे 'श्री महाकाल लोक' को 'बाबा महाकाल' को समर्पित करेंगे, जिसके बाद इस कॉरिडोर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी उज्जैन में करीब दो से ढाई घंटे बिताएंगे।

बलुआ पत्थर से बनाए गए हैं 108 पिलर

उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव (Shiva) के सबसे पवित्र निवास माने जाने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। करीब 900 मीटर लंबे कॉरिडोर में बलुआ पत्थर से 108 पिलर बनाए गए हैं, जिनके ऊपर त्रिशूल की आकृति उकेरी गई और उनके ऊपर भगवान शिव की 'मुद्राएं' बनाई गई हैं। इसके साथ ही यहां खूबसूरत लाइटें भी लगाई हैं। इसके साथ ही यहां भगवान शिव, पार्वती माता समेत कई देवी-देवताओं की 200 मूर्तियां बनाई गई हैं।

पर्यटकों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद

साथ ही कॉरिडोर में फव्वारे भी लगाए गए हैं और बीच में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं, माना जा रहा है कि अब उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में और तेजी से इजाफा होगा, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ने की संभावनाएं हैं। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या मौजूदा डेढ़ करोड़ सालाना से बढ़कर दोगुना होने का अनुमान है।

महाकाल कॉरिडोर घूमने में श्रद्धालुओं को लगेंगे करीब 5 घंटे

उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर, काशी विश्वनाथ मंदिर से 4 गुना बड़ा और विशाल है। महाकाल कॉरिडोर 20 हेक्टेयर में बन रहा है। पूरे मंदिर में घूमने और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करीब 5-6 घंटे का समय लगेगा। महाकाल कॉरिडोर में भगवान शंकर के विभिन्न रूपों के दर्शन करने को मिलेंगे। यहां भगवान शिव के करीब 190 स्वरूपों को दिखाया जाएगा। कॉरिडोर के बीच में भगवान शंकर की कई बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं भी हैं। महाकाल कॉरिडोर के अंदर जो मूर्तियां लगाई गई हैं, उन सभी पर क्यूआर कोड लगा होगा। जैसे ही आप इन मूर्तियों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, आपको सारी जानकारी मिल जाएगी

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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