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उज्जैन महाकाल मंदिर में 'QR कोड' स्कैन कर सुनें हर मूर्ति की अपनी 'कहानी', अनूठी पहल

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 10, 2022, 07:08 PM IST

Mahakal Mandir Idol QR Code Scan: उज्जैन के महाकाल मंदिर कॉरीडोर में लगीं तमाम मूर्तियों और म्यूरल पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं जिन्हें मोबाइल से स्कैन कर आप उस मूर्ति के बारे में ऑडियो फॉर्मेट में जानकारी सुन पायेंगे।

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QR Code को स्कैन करते ही भगवान शिव की महिमा और और मूर्तियों से जुड़ी जानकारियां सुनाई देंगी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • 'महाकाल लोक' में कई मूर्तियां और म्यूरल अलग-अलग प्रसंगों के आधार पर बनाए गए हैं
  • इन सभी पर खास QR Code लगाया गया है, महाकाल लोक में ये अनूठी पहल है
  • क्यूआर कोड को स्कैन करते ही भगवान शिव की महिमा और और मूर्तियों से जुड़ी जानकारियां सुनाई देंगी

Mahakal Lok Unique Experiment: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित 'महाकाल मंदिर' महादेव बाबा का ऐसा स्थान जहां 'बाबा महाकाल' (Baba Mahakal) के अद्धभुत दर्शन होते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए यहां भक्तों का तांता लगा ही रहता है, करीब 2 एकड़ में फैले इस मंदिर का वृहद विस्तार किया गया है, बाबा महाकालेश्वर मंदिर में बनाए गए महाकाल कॉरिडोर के लोकार्पण की तैयारियां पूरी हो गई हैं, जहां आगामी 11 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकाल कॉरीडोर का लोकार्पण करेंगे।

महाकाल मंदिर कॉरीडोर में इसके लिए व्यापक तैयारियां चल रही हैं, खास बात ये है कि महाकाल लोक में कई मूर्तियां और भित्ति चित्र ग्रंथों (Mural Painting) अलग-अलग प्रसंगों के आधार पर बनाए गए हैं। इन सभी पर खास क्यूआर कोड (QR Code) लगाया गया है। इन क्यूआर कोड को स्कैन करते ही आपको भगवान शिव की महिमा और और मूर्तियों से जुड़ी जानकारियां सुनने को मिलेंगी।

श्रद्धालु महाकाल लोक में बनाए गए म्यूरल और मूर्तियों पर भगवान शिव की महिमा और उनसे जुड़ी पौराणिक गाथाओं को ऑडियो डिवाइस के माध्यम से अलग-अलग भाषाओं में सुन सकेंगे।

उमा नाम का एक एप (Uma App) अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा

चित्रों के नीचे सम्बन्धित कथाएं भी अंकित की गई हैं इसके बारे में जानने के लिए क्यूआर कोर्ड भी बनाये गये हैं, जिन्हें मोबाइल से स्केन कर उसके बारे में या उससे जुड़ी जानकारी सुनी जा सकती है, ये अपने आप में काफी अनूठा प्रयोग है जिसे लेकर लोग उत्सुक हैं, बताया जा रहा है कि ये सब ऑडियो फॉर्मेट में होंगी इसके लिए आपको उमा नाम का एक एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा जिसकी मदद से जिस मूर्ति या म्यूरल पर कोड हैं उसे स्कैन कर उसके बारे में ऑडियो फॉर्मेट (Audio Frmat) में जानकारी हासिल कर पायेंगे।

मोबाइल न होने की स्थिति में भी आपको कोई दिक्कत नहीं होगी

बताते हैं कि मोबाइल में उमा एप लेकर आप क्यूआर स्कैन कर मूर्ति के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं लेकिन यदि आप महाकाल कॉरीडोर के दर्शन करने गए हैं और आपके पास मोबाइल नहीं है तो आप परेशान ना हों श्रद्धालु महाकाल मंदिर ऑफिस से न्यूनतम शुल्क देकर एक खास ऑडियो डिवाइस लेकर ले सकते हैं, इस डिवाइस में भी स्कैन करने का ऑप्शन होगा।

भाषा (Language Selection) सेलेक्शन का भी ऑप्शन

क्यूआर कोड को स्कैन करते ही सबसे पहले आपको भाषा सिलेक्शन (Language Selection) का भी ऑप्शन मिलेगा, कहा जा रहा है कि अभी शुरुआत में तो हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में ही जानकारी मिलेगी, लेकिन आने वाले टाइम में अन्य भाषा के ऑप्शन भी मिलने लगेंगे यानी और लैंग्वेंज में भी ये मूर्तियों से संबधित जानकारियां ले पायेंगे।
MAHAKAL CORRODOR UJJAIN

MAHAKAL CORRODOR UJJAIN

महाकाल लोक में 500 डिवाइस लगाई जा रही हैं

प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के मुताबिक श्रद्धालुओं को भगवान शिव के बारे में सुनने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करते ही ये भी च्वाइस मिलेगा कि वो बड़ी या छोटी कहानी सुनना चाहते हैं, इसके लिए 500 डिवाइस महाकाल मंदिर पहुंच चुके हैं। चित्रों के नीचे सम्बन्धित कथाएं भी अंकित की गई हैं। क्यूआर कोर्ड भी बनाये गये हैं, जिन्हें मोबाइल से स्केन कर कथा सुनी जा सकती है। श्रद्धालु जिस भी मूर्ति या म्यूरल के बारे में जानना चाहते हैं, मूर्तियों के नीचे लगे क्यू आर कोड को स्केन करना होगा इसके बाद उस मूर्ति की कहानी सुनाई देने लगेगी।
रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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