World Sickle Cell Day: जब शादी की बात आती है तो ऐसे में परिवार के लोग बहुत सी चीजों पर ध्यान देते हैं जैसे - परिवार कैसा है, लड़का-लड़की की पढ़ाई क्या है, नौकरी कैसी है और दोनों की सोच मिलती है या नहीं। लेकिन एक जरूरी चीज ऐसी भी है, जिस पर आज भी बहुत कम लोग ध्यान देते हैं और बाद में इसकी कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ सकती है। यह है सिकल सेल ट्रेट टेस्ट (Sickle cell trait test)।
आजकल डॉक्टर्स भी यह शादी से पहले यह जरूरी टेस्ट कराने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों है? रक्त संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. प्रावस चंद्र मिश्रा बताते हैं कि कई बार इंसान पूरी तरह स्वस्थ दिखता है, लेकिन उसके शरीर में ऐसा जीन मौजूद होता है जो आगे चलकर बच्चे में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि एक छोटा-सा ब्लड टेस्ट इस जोखिम के बारे में पहले ही जानकारी दे सकता है।
आखिर क्या है सिकल सेल रोग
सिकल सेल एक ऐसी बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में पहुंचती है। इस बीमारी में खून की कोशिकाएं सही तरीके से काम नहीं कर पातीं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में दिक्कत होती है। इसके कारण मरीज को बार-बार दर्द, कमजोरी, खून की कमी और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह बीमारी एक बार होने के बाद जीवनभर साथ रहती है, इसलिए इससे बचाव की जानकारी होना बहुत जरूरी है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: सिरप बेचने पर सरकार की सख्ती, दवा बिक्री के नियमों में बड़ा बदलाव, खत्म की पुरानी छूट
ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होती ये बात
सिकल सेल ट्रेट वाले लोग आमतौर पर बिल्कुल स्वस्थ रहते हैं। उन्हें कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती, इसलिए ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं चलता कि वे इस जीन के कैरियर हैं। यही वजह है कि कई परिवारों को तब पता चलता है जब उनके बच्चे में सिकल सेल रोग की पुष्टि होती है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: सिकल सेल और एनीमिया में क्या फर्क है
शादी से पहले टेस्ट कराने की सलाह क्यों दे रहे हैं डॉक्टर
फरीदाबाद के अमृता अस्पताल में रक्त संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. प्रावस चंद्र मिश्रा बताते हैं कि सिकल सेल ट्रेट अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। लेकिन अगर शादी करने वाले दोनों लोग इसके कैरियर हों, तो हर गर्भावस्था में बच्चे को सिकल सेल रोग होने का खतरा लगभग 25 प्रतिशत तक हो सकता है।
यही कारण है कि डॉक्टर इसे डर की नहीं, बल्कि जागरूकता की बात मानते हैं। समय रहते जांच कराने से परिवार भविष्य के लिए सही और सोच-समझकर फैसला ले सकता है।
एक साधारण ब्लड टेस्ट से मिल सकती है जरूरी जानकारी
सिकल सेल ट्रेट का पता लगाने के लिए सिर्फ एक साधारण खून की जांच करानी होती है। यह टेस्ट यह बता देता है कि व्यक्ति इस जीन का कैरियर है या नहीं। अगर जांच में दोनों पार्टनर कैरियर निकलते हैं, तो डॉक्टर और जेनेटिक काउंसलर उन्हें आगे की संभावनाओं और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी देते हैं।
जागरूकता ही है सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि सिकल सेल रोग से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका जागरूकता है। शादी से पहले की गई एक छोटी-सी जांच भविष्य में बच्चे और पूरे परिवार को बड़ी परेशानियों से बचा सकती है।
इस विश्व सिकल सेल दिवस पर यह समझना जरूरी है कि सिकल सेल ट्रेट टेस्ट सिर्फ एक मेडिकल जांच नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखने की दिशा में एक जिम्मेदार कदम है। कई बार कुछ मिनट की जांच जिंदगीभर की चिंता को कम कर सकती है।
