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19 मई को क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे, जानिए इसका इतिहास, उद्देश्य और 2026 की थीम

World IBS Day 2026: इरिटेबल बाउल सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है, जो पेट से जुड़ी परेशानियो को बढ़ा देती है। वर्ल्ड IBS डे का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के लक्षण, कारण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करना है।

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वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे 2026

World IBS Day 2026: हर साल 19 मई को वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे (World IBS Day) मनाया जाता है। यह दिन क्रोनिक डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी गंभीर पाचन संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। इन बीमारियों में आंतों में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, जिससे मरीजों को कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस खास दिन का उद्देश्य लोगों को IBD के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जागरूक करना है, ताकि मरीज बेहतर जीवन जी सकें। आइए जानते हैं इस खास दिन का इतिहास, महत्व और थीम।

वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे का इतिहास - World Irritable Bowel Syndrome Day History

वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे (World IBS Day In Hindi) मनाने की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। इसे यूरोप की एक संस्था यूरोपियन फेडरेशन ऑफ ऑफ क्रोहन एंड अल्सरेटिव कोलाइटिस एसोसिएशन (EFCCA) ने शुरू किया था। तब से हर साल 19 मई को ये दिन दुनियाभर के करीब 50 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है।

वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे का उद्देश्य - World Irritable Bowel Syndrome Day Significance

वर्ल्ड IBS डे का मुख्य उद्देश्य लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी पाचन संबंधी समस्या के प्रति जागरूक करना है। कई लोग लंबे समय तक पेट दर्द, गैस, कब्ज, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी परेशानियों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह दिन लोगों को IBS के लक्षणों को पहचानने, समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और सही इलाज के महत्व को समझाने का काम करता है। साथ ही यह दिन IBS मरीजों को मानसिक और सामाजिक समर्थन देने का संदेश भी देता है, ताकि वे बिना झिझक अपनी समस्या के बारे में खुलकर बात कर सकें और बेहतर जीवन जी सकें।

वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे थीम 2026 - World Irritable Bowel Syndrome Day 2026 Theme

इस साल वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) डे की थीम “Champions Raise Awareness about IBS: Patients Take Center Stage” रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य IBS मरीजों की समस्याओं, अनुभवों और जरूरतों को सामने लाना है, ताकि लोग इस बीमारी को बेहतर तरीके से समझ सकें और मरीजों को सही समर्थन मिल सके।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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