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Hantavirus: हंता वायरस के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे, सही समय पर सावधानी बचा सकती है जान, डॉक्टर से जानें जरूरी बात

Hantavirus In Hindi: हंता वायरस के लक्षण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे लग सकते हैं, लेकिन सही समय पर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। आइए डॉक्टर से जानें हंता वायरस कैसे फैलता है, किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है और इससे बचने के आसान घरेलू तरीके।

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हंता वायरस के लक्षणों न समझें सामान्य

Hantavirus In Hindi: आजकल हंता वायरस को लेकर लोगों के मन में डर और कई तरह की बातें चल रही हैं। कोई इसे नई महामारी बता रहा है तो कोई इसे बहुत तेजी से फैलने वाला वायरस कह रहा है। लेकिन सच यह है कि घबराने की नहीं, समझदारी से काम लेने की जरूरत है। यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर जनरल फिजिशियन डॉ. सेशी किरण के मुताबिक, हंता वायरस आमतौर पर चूहों की गंदगी, पेशाब या उनके रहने वाली जगहों के संपर्क में आने से फैलता है। खासकर बंद और गंदी जगहों की सफाई करते समय खतरा बढ़ सकता है।

इस वायरस के शुरुआती लक्षण बिल्कुल आम बुखार या फ्लू जैसे लग सकते हैं। इसलिए लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय पर सावधानी और साफ-सफाई की आदतें इस खतरे से बचाने में मदद कर सकती हैं। अच्छी बात ये है कि कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इससे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

हंता वायरस आखिर फैलता कैसे है - hantavirus kaise failta hai

डॉ. सेशी किरण बताते हैं कि यह वायरस ज्यादातर चूहों से जुड़ा होता है। अगर किसी जगह पर चूहों की बीट, पेशाब या गंदगी हो और वहां सफाई करते समय धूल उड़ जाए, तो वायरस हवा में मिल सकता है। फिर सांस के जरिए यह शरीर में पहुंच सकता है। कई लोग पुराने स्टोर रूम, गोदाम, बंद कमरों या लंबे समय से बंद पड़े घरों की सफाई बिना किसी सावधानी के शुरू कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती हो सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि ऐसी जगहों पर सूखी झाड़ू लगाने या तेज वैक्यूम मशीन इस्तेमाल करने से धूल ज्यादा उड़ती है और खतरा बढ़ सकता है।

शुरुआत में लक्षण बिल्कुल आम बुखार जैसे

हंता वायरस के शुरुआती संकेत इतने सामान्य होते हैं कि लोग सोचते हैं कि शायद मौसम बदलने की वजह से बुखार हुआ है।

  • शुरुआत में शरीर टूटना
  • सिर दर्द
  • बुखार
  • कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।

कुछ लोगों कोउल्टी जैसा लगना, जी मिचलाना या पेट खराब होने जैसी परेशानी भी हो सकती है। यही वजह है कि अगर किसी ने हाल ही में गंदी या चूहों वाली जगह पर सफाई की हो और उसके बाद ऐसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। गंभीर हालत में मरीज को सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं, लेकिन लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सफाई करते समय इन छोटी बातों का रखें ध्यान

डॉ. सेशी किरण के अनुसार, बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। अगर किसी बंद कमरे की सफाई करनी हो तो सबसे पहले खिड़की-दरवाजे खोल दें ताकि ताजी हवा अंदर आ सके। सफाई करते समय हाथों में ग्लव्स और चेहरे पर मास्क लगाना बेहतर रहता है। जहां चूहों की गंदगी दिखे, वहां पहले पानी या डिसइन्फेक्टेंट छिड़क दें, फिर धीरे-धीरे सफाई करें। सूखी झाड़ू से तेज सफाई करने की बजाय आराम से सफाई करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

घर को साफ रखना क्यों जरूरी है

घर में गंदगी और खुले में रखा खाना चूहों को जल्दी आकर्षित करता है। इसलिए खाने-पीने की चीजों को हमेशा ढककर रखें। घर के कोनों, स्टोर रूम और रसोई की नियमित सफाई करते रहें। अगर घर में चूहों की आवाजाही दिखे तो तुरंत सफाई और कंट्रोल के उपाय करें। खासकर गांवों, गोदामों या पुरानी इमारतों में रहने और काम करने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।

डर नहीं सही जानकारी जरूरी

हंता वायरस को लेकर डर फैलाने की बजाय सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना ज्यादा जरूरी है। यह कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो हर किसी को आसानी से हो जाए। लेकिन लापरवाही करना भी ठीक नहीं है।

डॉ. सेशी किरण का कहना है कि साफ-सफाई, सावधानी और जागरूकता से इस संक्रमण के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां कई बड़ी परेशानियों से बचा सकती हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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