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World Food Safety Day 2023 Date: 7 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस, जानिए इतिहास, महत्‍व और थीम

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jun 7, 2023, 06:15 AM IST

World Food Safety Day 2023 Date, Theme, History, Importance in Hindi: लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। जानिए क्या है इतिहास, महत्‍व और इस साल की थीम-

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World Food Safety Day 2023 (Credit- WHO)

World Food Safety Day 2023 Date, Theme, History, Importance in Hindi: डब्लूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 10 में से हर एक व्यक्ति खराब भोजन खाने के बाद बीमार पड़ जाता है जबकि 5 साल से कम उम्र के बच्चों में हर साल 40 प्रतिशत बच्चे दूषित खाना की वजह से बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। दूषित भोजन मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। WHO के अनुसार डायरिया और कैंसर सहित करीब 200 बीमारियां ऐसी हैं जो अनसेफ फूड यानि की खराब खाने की जह से लोगों को होती हैं! लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में कई ऐसे लोग हैं, जो खराब भोजन का सेवन करने की वजह से गंभीर बीमारी का शिकार हो जाते हैं। इसी जागरूरता को फैलाने के मकसद से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।

World Food Safety Day History

यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली ने 20 दिसंबर 2018 को फूड सेफ्टी डे मनाने का फैसला किया और इसके लिए 7 जून की डेट तय की गई। दुनियाभर में इस दिन विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। सबसे पहली बार दुनियाभर में वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 7 जून 2019 को मनाया गया था।

World Food Safety Day 2023 Theme

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन हर साल इस खास दिन के लिए थीम तय करता है। इस साल यानी साल 2023 के लिए थीम है कि ‘खाद्य मानक जीवन बचाते हैं (Food standards save lives)।' इस थीम के माध्यम से लोगों को खाने के लिए तय किए गए मानकों के महत्व को समझाया जा रहा है। साल 2022 में 'सेफ फूड बेटर हेल्थ' थीम तय की गई थी।

बता दें कि हर साल खाने से होने वाली बीमारियों के 600 मिलियन केस सामने आते हैं। वहीं मौत की बात करें तो 420000 लोग खाने से होने वाली बीमारियों के चलते मौत का शिकार होते हैं। प्रदूषित या अनसेफ फूड का खतरा जान ले लेता है। इसलिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड नेशन्स ने इस दिन को मनाने की ठानी।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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