Pomegranate Juice Benefits: कई बार पेट से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियां धीरे-धीरे हमारी पूरी दिनचर्या को प्रभावित करने लगती हैं। भूख कम लगना, खाना खाने का मन न करना, पाचन ठीक न रहना और लगातार कमजोरी महसूस होना ऐसी ही समस्याएं हैं। ऐसे में खान-पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी माना जाता है। आयुर्वेदिक परंपरा में अनार को स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर के लिए उपयोगी फल माना गया है। आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने भी अनार के रस को कुछ चीजों के साथ लेने की बात बताई है। आइए विस्तार से समझते हैं पाचन के लिए एक देसी नुस्खा...
डाइजेशन के लिए अनार के रस का नुस्खा
आचार्य बालकृष्ण के बताए नुस्खे के अनुसार, जिन लोगों को भूख नहीं लगती, पेट से जुड़ी परेशानी रहती है या भोजन के प्रति अरुचि महसूस होती है, वे अनार के रस में थोड़ा भुना हुआ जीरा पाउडर मिला सकते हैं। इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ी मात्रा में काला नमक या सेंधा नमक भी मिलाया जा सकता है। भुने जीरे का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़े घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। वहीं, अनार का रस अपने खट्टे-मीठे स्वाद के कारण खाने-पीने में रुचि बढ़ाने वाला पेय हो सकता है। इस मिश्रण को भोजन के साथ या अपनी दिनचर्या के अनुसार लिया जा सकता है।
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अनार के रस में मिलाएं ये चीजें
दूसरे नुस्खे में मीठे अनार के रस में थोड़ी मात्रा में शहद मिलाकर सेवन करने की बात कही गई है। पारंपरिक रूप से शहद और फलों के रस के संयोजन का इस्तेमाल शरीर को ऊर्जा देने वाले आहार के तौर पर किया जाता रहा है। अनार में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसलिए संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर इसका सेवन शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी की दवा या कमजोरी का निश्चित इलाज नहीं समझना चाहिए।
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गर्भावस्था में अनार का रस कितना फायदेमंद?
गर्भावस्था के दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इस दौरान कमजोरी महसूस होने पर परिवारों में अनार या अनार का रस देने की परंपरा भी रही है। अनार पोषक तत्वों से भरपूर फल है और संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं के मामले में किसी भी घरेलू नुस्खे को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है। खासकर यदि कमजोरी बहुत ज्यादा हो, भूख लगातार कम हो या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें।
कमजोरी की वजह समझना है जरूरी
अनार का रस स्वाद और पोषण के लिहाज से डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन लगातार कमजोरी, भूख न लगना या पाचन संबंधी परेशानी को केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताया गया नुस्खा एक पारंपरिक घरेलू उपाय हैं। इन्हें चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे उचित है।
