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चॉकलेट या चिप्स खाने की हो रही क्रेविंग, एक्सपर्ट्स से जानें असल में क्या चाहता है आपका शरीर

डाइटिशियन्स कहते हैं कि फूड क्रेविंग कई कारणों से हो सकती है। कभी शरीर को ऊर्जा चाहिए होती है, तो कभी तनाव, बोरियत या इमोशन्स इसकी वजह बन जाती है।

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चॉकलेट या चिप्स खाने की हो रही क्रेविंग, एक्सपर्ट्स से जानें असल में क्या चाहता है आपका शरीर (Photo: iStock)

मान लिजिए आपने कुछ देर पहले ही खाना खाया है, लेकिन अचानक चॉकलेट खाने का मन करने लगता है। कभी नमकीन चिप्स की तलब लगती है, तो कभी मीठा खाए बिना चैन नहीं पड़ता। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कई बार फूड क्रेविंग शरीर का एक संकेत भी हो सकती है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डाइटिशियन्स कहते हैं कि फूड क्रेविंग कई कारणों से हो सकती है। कभी शरीर को ऊर्जा चाहिए होती है, तो कभी तनाव, बोरियत या इमोशन्स इसकी वजह बन जाती है। इसलिए हर क्रेविंग को किसी एक विटामिन या मिनरल की कमी से जोड़ना सही नहीं है।

इसी तरह हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और नमक वाले स्नैक्स दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम को सक्रिय करते हैं। यही वजह है कि इन चीजों की बार-बार इच्छा होने लगती है।

चॉकलेट की क्रेविंग

चॉकलेट की क्रेविंग सबसे आम मानी जाती है। लोग अक्सर इसे मैग्नीशियम की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी वजह कई बार ये हो सकती है:

- तनाव या मूड खराब होना

- नींद की कमी

- मीठा खाने की आदत

- महिलाओं में हार्मोनल बदलाव

अगर बार-बार चॉकलेट खाने का मन करता है, तो डार्क चॉकलेट की थोड़ी मात्रा, फल या नट्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

चिप्स या नमकीन की क्रेविंग

नमकीन स्नैक्स की क्रेविंग हमेशा शरीर में नमक की कमी का संकेत नहीं होती। डाइटिशियन मानते हैं कि इसकी बड़ी वजह आदत, तनाव या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की लत भी हो सकती है। वैसे अगर बहुत ज्यादा पसीना निकला हो, लगातार उल्टी-दस्त हुए हों या लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहा हो, तब शरीर को सोडियम की जरूरत बढ़ सकती है।

बार-बार मीठा खाने की इच्छा क्यों होती है?

अगर हर दिन खाना खाने के बाद कुछ मीठा चाहिए, तो इसकी वजह कई बार ब्लड शुगर का तेजी से ऊपर-नीचे होना भी हो सकता है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मीठे पेय जल्दी ऊर्जा देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद ब्लड शुगर गिरने लगती है। इससे फिर मीठा खाने की इच्छा पैदा हो सकती है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर फूड क्रेविंग कभी-कभार होती है, तो चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर यह रोजाना होने लगे, खाने पर आपका नियंत्रण कम हो जाए या इसके साथ बहुत ज्यादा थकान, वजन में बदलाव या अन्य लक्षण भी हों, तो डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

क्रेविंग कम करने के आसान तरीके:

- दिनभर संतुलित और प्रोटीन से भरपूर भोजन करें।

- पर्याप्त पानी पिएं।

- 7-8 घंटे की नींद लें।

- तनाव कम करने के लिए वॉक, योग या मेडिटेशन करें।

- लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।

- घर में हेल्दी स्नैक्स रखें ताकि जंक फूड की जगह बेहतर विकल्प चुन सकें।

क्रेविंग को नजरअंदाज करने या उसके आगे हार मानने की बजाय यह समझने की कोशिश करें कि आपका शरीर आखिर क्या कहना चाहता है। सही खानपान और संतुलित दिनचर्या से ऐसी अनचाही क्रेविंग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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