Sinus Infection Causes And Prevention: जैसे ही मौसम में ठंड का असर शुरू होता है, वैसे ही सर्दी-खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन्हीं से जुड़ी एक परेशानी है साइनस इंफेक्शन, जिसके मामले सर्दियों में तेजी से बढ़ते हैं। इसके लक्षणों की बात करें तो नाक बंद रहना, सिर में दर्द और भारीपन जैसी समस्याएं इस बीमारी के आम लक्षण हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर सर्दियों में साइनस इंफेक्शन के मामले क्यों ज्यादा बढ़ जाते है? और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
ठंडी और शुष्क हवा का असर
सर्दियों में हवा ठंडी और सूखी हो जाती है। जो नाक और साइनस की अंदरूनी परत को सुखा देती है। जब नाक की म्यूकस मेम्ब्रेन सूख जाती है, तो वह बैक्टीरिया और वायरस को नाक में जाने से ठीक से रोक नहीं कर पाती। जिसका परिणाम होता है कि साइनस इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और साइनस में सूजन आने लगती है।
सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन
सर्दियों में जुकाम, फ्लू और वायरल इंफेक्शन के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। ये सभी तरह के इंफेक्शन नाक के रास्ते साइनस तक पहुंच जाते हैं। इससे नाक का ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता है। जिससे बैक्टीरिया बढ़ता है और नाक में इंफेक्शन हो जाता है।

साइनस से बचाव के उपाय
साइनस से बचाव के उपाय - Sinus Infection Prevention
साइनस इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ आप कुछ आसान उपायों को फॉलो कर सकते हैं। जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर और नाक की अंदरूनी परत सूखे न। इसके अलावा भाप लेना भी साइनस खोलने में मददगार होता है। बहुत ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचें और बाहर निकलते समय नाक और मुंह को ढक कर रखें। घर में यदि हीटर चलाया है को नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा डाइट और एक्सरसाइज भी आपकी मदद कर सकते हैं।
