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सर्दियों में हाथ-पैर हमेशा ठंडे क्यों रहते हैं? जानें असली वजह और आसान इलाज

Cold Hands And Feet In Winter : सर्दियां आते ही कई लोगों में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जिसमें हाथ और पैर का ठंडा रहना सबसे आम है। यदि आप भी ठंडे हाथ-पैरों से परेशान हैं, तो आपको इसके पीछे के कारण और इलाज के बारे में जानना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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सर्दियों में ठंडे क्यों रहते हैं हाथ-पैर?

Cold Hands And Feet In Winter : सर्दियों में कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम का सामना लोगों को करना पड़ता है, जिसमें हाथ-पैरों का ठंडा रहना एक बहुत ही कॉमन समस्या है। ये आमतौर पर आपको सर्दियों में ज्यादा देखने को मिलती है। चाहे कमरे में हीटर चल रहा हो या आप मोटे कपड़े पहनें हों, फिर भी हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे महसूस होते हैं। आमतौर पर यह सामान्य होता है, लेकिन कई बार यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी देता है। आज हम आपको सर्दियों में दिखने वाली इस कॉमन समस्या के बारे में विस्तार से बताएंगे।

सर्दियों में क्यों ठंडे हो जाते हैं हाथ-पैर?

सर्दी के दिनों में ठंड लगते ही हमारा शरीर सबसे जरूरी अंगों जैसे दिल, दिमाग और फेफड़ों की सुरक्षा में लग जाता है। यही मुख्य कारण है इन दिनों में ब्लड सर्कुलेशन हाथ-पैर की ओर थोड़ा कम हो जाता है। शरीर खून को हाथ-पैर जैसे अंगों की ओर से हटाकर शरीर के केंद्र की ओर भेज देता है। यही वजह है कि हाथ की उंगलियों और पैरों में खून कम पहुंचने लगता है और वे ठंडे हो जाते हैं।

हाथ-पैर ठंडे होने के कारण

  • लो ब्लड प्रेशर।
  • आयरन और विटामिन-बी12 की कमी।
  • थायराइड हार्मोन की कमी।
  • रेनॉड रोग के कारण।
  • डायबिटीज या हार्ट संबंधी समस्या।

सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे होने से कैसे बचें?

  1. ठंड के दिनों में थर्मल वियर, अच्छे मोजे और दस्ताने पहनें।
  2. अदरक चाय, हर्बल टी, हल्का सूप या गुनगुना पानी शरीर का तापमान बढ़ाते हैं।
  3. देर तक बैठने के बाद 10–15 मिनट की वॉक करें इससे हाथ-पैर में ब्लड फ्लो बढ़ता है।
  4. शरीर के अंगों पर नारियल या तिल के तेल की मालिश करें इससे तुरंत गर्माहट मिलती है।
  5. डाइट में आयरन, B12, ओमेगा-3 और प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं।

डिस्क्लेमर- सर्दियों में हाथ-पैरों का ठंडा होना काफी सामान्य घटना है। जिससे लेख में बताए उपायों को फॉलो कर राहत मिल सकती है। लेकिन सुन्नपन या झनझनाहट, रंग नीला/सफेद पड़ना, दर्द जैसे लक्षण दिखें तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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