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मानसून में क्यों बढ़ता है फंगल इंफेक्शन का खतरा, जानें इसके लिए कारगर घरेलू उपचार

Fungal Infection In Monsoon : गर्मी के बाद आने वाला मानसून आपके मन को भले ही आराम देने का काम करता हो, लेकिन ये आपकी सेहत को कई तरह के नुकसान भी पहुंचा सकता है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि क्यों मानसून में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

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Causes of Fungal Infection In Monsoon

Fungal Infection In Monsoon : चिलचिलाती गर्मी में राहत की बारिश लेकर आने वाला मानसून भला किसे पसंद नहीं होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये मौसम भले आपके मन को बहुत अच्छा लगता हो, लेकिन आपकी सेहत के लिए काफी परेशानियां लेकर आता है। जी हां इस मौसम में कई तरह के रोगों का खतरा पैदा हो जाता है। जिससे निजात पाने के लिए आपको काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आज हम आपको बताएंगे कि क्यों मानसून में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है? इसके साथ ही जानें इसे ठीक करने के कारगर घरेलू उपाय।

मानसून में क्यों बढ़ते है फंगल इंफेक्शन के मामले?

मानसून के मौसम में लगातार बारिश होने से वातावरण में नमी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए हमारे शरीर पर भी हमेशा नमी बनी रहती है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ऐसे लोग जिनकी स्किन काफी सेंसिटिव होती है, उन्हें फंगल इंफेक्शन का खतरा भी ज्यादा होता है। आमतौर पर फंगल इंफेक्शन पैर, कमर, गर्दन और जांघों के बीच में होता है।

फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू उपचार

  • मानसून में फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए नीम के पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए। इन पत्तों को आप पानी में उबालकर उस पानी से नहा सकते हैं।
  • इसके अलावा फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल काफी कारगर माना जाता है। प्रभावित स्थान पर 2-3 बार एलोवेरा जेल लगाने से जल्द राहत मिलती है।
  • एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर हल्दी का इस्तेमाल भी फंगल इंफेक्शन से बचाव में किया जाता है। हल्दी पाउडर को नारियल तेल या एलोवेरा जेल में मिलाकर लगाने से आपको जल्द राहत मिलती है।
  • बेकिंग सोडा में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो फंगल के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं। बेकिंग सोडा को पानी के साथ मिलाकर इसका पेस्ट बना लें, और इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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