UP Assembly Election 2027: 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट, 50 हजार बेटियों को स्कूटी, मेडिकल छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी, 2 लाख 76 हजार से ज्यादा छात्रों को स्कॉलरशिप का दोबारा मौका और एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में की गईं इन घोषणाओं में साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पूरी पटकथा छिपी है। ये केवल सामान्य घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि योगी सरकार के वो 5 मास्टर स्ट्रोक हैं जो आने वाले चुनाव की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। 18 साल से लेकर 30 साल तक के छात्र और युवाओं को इन घोषणाओं को सीधा लाभ मिलेगा, वो भी बिना किसी देरी के। ऐसे में इन फैसलों को चुनाव से पहले दी जा रही बड़ी सौगातों के रूप में देखना गलत नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने युवाओं और छात्रों को साधने के लिए ये बड़े फैसले किए हैं। इन फैसलों में खास फोकस Gen Z पर नजर आ रहा है। सबसे पहले बात करते हैं उन बड़ी घोषणाओं की जिन्हें योगी सरकार के मास्टर स्ट्रोक की तरह देखा जा रहा है।
पहली घोषणा- 25 लाख युवाओं को फ्री टैबलेट
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके लिए 2,374 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
फ्री टैबलेट योजना
दूसरा फैसला- मेडिकल इंटर्न्स के अलाउंस में बढ़ोतरी
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और सरकारी मेडिकल संस्थानों से MBBS और BDS की परीक्षा पास करने के बाद इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार ने इन छात्रों को हर महीने मिलने वाले अलाउंस को 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया है। यानी सीधे दोगुने से ज्यादा।
तीसरा फैसला- 50 हजार बेटियों को फ्री स्कूटी
रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही बेटियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। यूपी की 50 हजार छात्राओं को नवंबर तक फ्री स्कूटी दी जाएगी। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए योगी सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
चौथा फैसला- पौने तीन लाख छात्रों को स्कॉलरशिप का दूसरा मौका
योगी सरकार ने दो लाख 76 हजार छात्रों के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसे कई पात्र छात्र थे, जिन्हें अलग-अलग कारणों से स्कॉलरशिप और फीस की भरपाई का लाभ नहीं मिल पाया। कहीं कॉलेजों ने आवेदन आगे नहीं भेजे, कहीं आवेदन में कमी रह गई और कहीं तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो पाया। अब सरकार ने ऐसे पात्र छात्रों को एक और मौका देने का फैसला किया है। इन छात्रों की छात्रवृत्ति और फीस की भरपाई के लिए सरकार ने 551 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मंजूर की है।
पांचवां फैसला- 6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने का ऐलान किया है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह ऐलान इसलिए अहम है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा से लेकर रिजल्ट और नियुक्ति तक काफी समय लगता है। ऐसे में यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा है जो परीक्षा प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
घोषणाओं में छिपी है 2027 की रणनीति
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और योगी सरकार का फोकस युवा वोटर्स पर बढ़ता दिख रहा है। 25 लाख टैबलेट, 50 हजार बेटियों को स्कूटी, मेडिकल इंटर्न्स का भत्ता बढ़ाना, स्कॉलरशिप पोर्टल फिर से खोलना और 6 महीने में 1 लाख नियुक्ति पत्र देना- इन सभी फैसलों का सीधा संबंध रोजमर्रा की जरूरतों से है। यानी सरकार हर मोर्चे पर 18 साल से लेकर 30 साल तक के छात्रों और युवाओं को आकर्षित करना चाहती है।
विपक्षी दलों की नींद क्यों उड़ी?
अब सवाल ये है कि चुनाव से पहले क्यों अहम हैं ये फैसले और इन घोषणाओं ने विपक्षी दलों की नींद क्यों उड़ा दी है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव नजदीक है। पांच से छह महीने बाद यूपी में चुनाव होना है। बीजेपी के लिए यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार सत्ता पाने का बड़ा अवसर है। 2017 और 2022 के बाद 2027 का चुनाव बीजेपी के लिए हैट्रिक लगाने और भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचने का मौका है। यही वजह है कि योगी सरकार अपने काम और योजनाओं को जमीन पर पहुंचाने के साथ-साथ उन वर्गों तक सीधा संदेश पहुंचाना चाहती है जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
समाजवादी पार्टी ने ऐसे किया काउंटर
विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी ने भी इन घोषणाओं का काउंटर करने के लिए बुधवार को कई अहम घोषणाएं कर डालीं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि सपा सरकार बनने पर स्कूली बच्चों, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को रोडवेज बसों और मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि हर जिले में विश्वविद्यालय, हर तहसील में महिला पीजी कॉलेज और 12वीं पास हर छात्रा को लैपटॉप दिया जाएगा।
युवा वोटर्स पर क्यों है फोकस
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस बार जिन 18 से 19 साल की उम्र के कुल 14 लाख 66 हजार 470 मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, वह कुल जोड़े गए नामों का 27.76 फीसदी है। वर्तमान में मतदाता सूची में 18 से 19 साल की उम्र के कुल मतदाताओं की कुल संख्या 19 लाख 89 हजार 902 हैं, जिनमें से 10 लाख 62 हजार 410 पुरुष और 9 लाख 26 हजार 945 महिलाएं हैं, जबकि 547 ट्रांसजेंडर हैं। युवा वोटर्स की इस संख्या को राजनीतिक दल अपनी ओर खींचना चाहते हैं। इसके लिए स्वाभाविक रूप से घोषणाएं और योजनाओं का ही सहारा लिया जाएगा।
चुनाव से पहले योगी सरकार के साथ साथ विपक्षी दलों ने युवाओं, छात्रों और महिलाओं पर फोकस बढ़ा दिया है। अब सरकार के सामने इन घोषणाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने की चुनौती है। चुनावी मैदान में असली सवाल यही होगा कि सरकार के ये फैसले वोट में कितना तब्दील होते हैं और युवाओं, छात्रों के साथ साथ महिलाओं का भरोसा बीजेपी को लगातार तीसरी बार सत्ता तक पहुंचाने में कितनी मदद कर पाता है।
