Ganga Expressway Road Collapse Unnao: उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्नाव जिले के बशीरटगंज इलाके के पास गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क एक बार फिर अचानक धंस गई है। बारिश के बाद सड़क के बीचों-बीच लगभग 25 मीटर लंबी और 3 इंच चौड़ी गहरी दरार आने से एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले राहगीरों और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
किलोमीटर 421-422 के पास हुआ हादसा
यह मामला गंगा एक्सप्रेसवे की किलोमीटर संख्या 421 और 422 के बीच का है। बारिश के पानी के तेज बहाव और कटान के कारण सड़क पर न केवल 25 मीटर लंबी दरार आ गई, बल्कि सड़क के किनारे (स्लोप) पर लगाई गई कंक्रीट की सुरक्षा दीवार और ढलान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गई।
एक हफ्ते पहले ही कराया गया था पैचवर्क
स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, इस स्थान पर सड़क धंसने की यह कोई पहली घटना नहीं है। महज एक सप्ताह पहले ही इसी पॉइंट (किमी 421) पर सड़क धंसने के बाद कार्यदायी संस्था द्वारा पैचवर्क (मरम्मत का काम) कराया गया था।
बार-बार मरम्मत किए जाने के बावजूद सड़क के लगातार धंसने से इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल सामग्री पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुधारात्मक कार्य जारी, यातायात सुचारू
सड़क पर गहरी दरार दिखने के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे की मेंटेनेंस टीम और कार्यदायी संस्था के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना से बचाव के लिए प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग की गई है और सड़क को समतल करने व दरार भरने का सुधारात्मक कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात को प्रभावित नहीं होने दिया गया है और वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से जारी है। बता दें कि पहले भी लगभग एक हफ्ते से कुछ दिन ऊपर हुए होंगे, जहां ऐसे ही निर्माण एजेंसी की टीम ने आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर दरार के ऊपर डामर की ओवरलैपिंग कर उसे दुरुस्त किया, जिसे लेकर अब लीपापोती करने के आरोप भी लग रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ महीनों से लगातार मरम्मत और धंसने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
