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Onion Price Hike: मुंबई के थोक मंडी में तेजी से बढ़े प्याज के दाम, सप्लाई नहीं सुधरी तो 65 रुपये किलो तक पहुंचने का अंदेशा

Onion Price Hike: मुंबई की थोक सब्जी मंडियों में प्याज की कीमतों में पिछले 4-5 दिनों के दौरान तेज उछाल दर्ज किया गया है। 40-42 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज अब 50-52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान, कम आवक और त्योहारों के मौसम में बढ़ी मांग को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है।

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मंडी में प्याज के तेजी से बढ़े दाम, सप्लाई नहीं सुधरी तो 65 रुपये किलो तक पहुंचने का अंदेशा। AI IMAGE

Onion Price Hike: मुंबई की थोक सब्जी मंडियों में प्याज की कीमतों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंडी व्यापारियों के मुताबिक, पिछले 4-5 दिनों के दौरान प्याज का थोक भाव 40-42 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 50-52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। व्यापारियों का दावा है कि महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा है और कम आवक के साथ बढ़ती मांग ने कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।

बेमौसम बारिश की वजह से फसल हुई खराब

उत्तर मुंबई की प्रमुख बोरीवली मंडी में भी प्याज की आवक बेहद कम बताई जा रही है। मंडी कारोबारियों का कहना है कि महाराष्ट्र में हुई बेमौसम बारिश के कारण करीब 15 फीसदी प्याज की फसल खराब हुई है। इसका सीधा असर बाजार में सप्लाई पर पड़ रहा है।

कम सप्लाई, बढ़ी डिमांड

व्यापारियों के मुताबिक, त्योहारों के मौसम में प्याज की मांग बढ़ी हुई है, जबकि बाजार में इसकी उपलब्धता सीमित है। मांग और सप्लाई के इस अंतर का असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में बारिश और फसल को होने वाले नुकसान के कारण प्याज बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहा है। मंडी व्यापारियों का अनुमान है कि अगर आवक में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्याज का भाव 60 से 65 रुपये प्रति किलो के पार भी जा सकता है।

नई फसल आने पर मिलेगी राहत?

कारोबारियों का कहना है कि नवंबर में दिवाली के बाद प्याज की नई फसल बाजार में आने की उम्मीद है। नई फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है। वहीं, व्यापारियों का यह भी कहना है कि ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए भेजे जा रहे प्याज से मौजूदा बाजार में कीमतों पर बहुत बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। उनका तर्क है कि मौजूदा तेजी की मुख्य वजह स्थानीय स्तर पर कम सप्लाई और बढ़ी हुई मांग है।

बता दें कि देश के कई शहरों में प्याज की कीमत आज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है, लेकिन लगभग 50 साल पहले यही प्याज महज 1 से 2 रुपये किलो बिका करता था. प्याज भारत की एक ऐसी इकलौती सब्जी है जिसने न सिर्फ आम आदमी के बजट को बिगाड़ा, बल्कि अपनी तीखी महंगाई के दम पर देश की बड़ी-बड़ी सरकारें तक गिरा दीं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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