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बारिश में क्यों बढ़ जाता है नाखूनों में फंगल इंफेक्शन? ऐसे रखें ख्याल वरना जाना पड़ सकता है अस्पताल

Monsoon Foot Care : गर्मी से राहत दिलाने वाली बारिश अपने साथ कई तरह की समस्याएं भी लेकर आती है, यदि आप बारिश में भीगने के शौकीन हैं, तो आपका ये शौक आपके फंगल इंफेक्शन की वजह भी बन सकता है। वहीं पैर के नाखूनों में इसका खतरा ज्यादा देखा जाता है। आइए जानते हैं इसका कैसे करें उपचार?

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fungal infection in feet

Photo : iStock

बरसात का मौसम आते ही लोगों को गर्मी से राहत मिलना शुरू हो जाती है। मन को शुकून देने वाली ये बारिश आपके तन को परेशान कर सकती है। जी हां बारिश के मौसम में पैरों में फंगल इंफेक्शन की समस्या अक्सर देखने को मिलती है। जिसका कारण पैरों में बारिश के दौरान लगने वाला गंदा पानी होता है। इसके साथ ही मौसम में बढी हुई नमी भी नाखूनों में होने वाले इंफेक्शन का कारण बन जाती है। इंफेक्शन के कारण नाखूनों की सेहत काफी खराब होने लगती है, जिससे उनकी चमक कमजोर पड़ जाती है और वह टूटकर गिरने लगते हैं। आइए जानते हैं मानसून में पैरों का कैसे रखें ख्याल?

बारिश में पैरों का ख्याल रखने के टिप्स - Tips to take care of feet in rain

पैरों को सूखा रखें

बारिश के मौसम में हमारे पैर अक्सर भीग जाते हैं, जिससे फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने पैरों को भीगने के तुरंत बाद सुखा लें। क्योंकि गीले पैर धूल-मिट्टी को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है।

एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें

बारिश के मौसम बाहर से घर वापस आने के बाद आपको अपने पैरों को किसी अच्छे एंटीसेप्टिक लिक्विड से साफ करना चाहिए। इससे आपके पैरों पर जमा बैक्टीरिया मर जाता है, और फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी हद तक टल जाता है। एंटीसेप्टिक लिक्विड न होने पर आप किसी साबुन से भी अपने पैरों को रगड़ कर धो सकते हैं।

एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल

बारिश के मौसम में वातावरण में नमी होने से हमारे पैरों में बैक्टीरिया पनपने लगता है, जो इंफेक्शन का बड़ा कारण बनता है। इसके लिए आप बारिश में अपने पैरों पर एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें। इससे आप हानिकारक बैक्टीरिया से अपने पैरों को बचा सकते हैं। हालांकि आपको ध्यान रखना है कि पाउडर लगाने के तुरंत बाद पैर धूल मिट्टी के संपर्क में न आएं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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