Hair Loss In Youth Causes And Prevention: आजकल एक बात बहुत आम हो गई है - कम उम्र में ही बाल झड़ने लगते हैं और सिर का हिस्सा साफ दिखने लगता है। एक समय था जब लोगों में बाल झड़ने या गंजेपन की समस्या 40-50 की उम्र में देखने को मिलती थी, लेकिन अब समय बदल गया है। अब कम उम्र में ही खासकर 20-30 साल के युवाओं में गंजेपन की समस्या देखने को मिल रही है।
कॉलेज जाने वाले लड़कों से लेकर ऑफिस की दौड़ में लगे प्रोफेशनल्स तक, सभी बालों को लेकर चिंतित रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग हेयरलाइन को लेकर मजाक उड़ाते हैं, जिससे आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। पर क्या ये सिर्फ जेनेटिक कारणों से हो रहा है या हमारी लाइफस्टाइल में कुछ ऐसा है जो बालों को कमजोर बना रहा है? आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजहें और इससे बचाव के कुछ आसान उपाय।
तनाव भी बन रहा है बालों का दुश्मन
आज की लाइफ बहुत तेज़ हो गई है। पढ़ाई, नौकरी, रिश्ते हर जगह दिमाग पर प्रेशर बना रहता है। जब दिमाग पर लगातार तनाव होता है, तो उसका असर सीधा बालों पर पड़ता है। कई बार तो स्ट्रेस के कारण बाल झड़ने की प्रक्रिया इतनी तेज़ हो जाती है कि खुद को शीशे में देख कर भी भरोसा नहीं होता।
गलत खानपान बिगाड़ रहा है बालों की सेहत
हम जो खाते हैं, उसका असर हमारे शरीर पर तो पड़ता ही है, लेकिन बालों पर भी उतना ही पड़ता है। बाहर का ऑयली फूड, पैक्ड स्नैक्स और मीठी चीज़ें बालों की जड़ों को कमजोर कर देती हैं। अगर शरीर को जरूरी न्यूट्रिशन नहीं मिल रहा, तो बालों का झड़ना लाजमी है।
अनुवांशिक वजहें भी होती हैं अहम
अगर परिवार में किसी को जल्दी गंजापन हुआ है, तो हो सकता है कि आपको भी ये समस्या जल्दी आ जाए। इसे रोकना पूरी तरह मुमकिन नहीं, लेकिन सही देखभाल और सही समय पर इलाज से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
केमिकल प्रोडक्ट्स और पॉल्यूशन का असर
बालों को स्टाइलिंग करने के लिए हम तरह-तरह के हेयर केयर प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते हैं। बालों में ड्रायर, प्रेसिंग मशीन का प्रयोग, हेयर कलर, स्ट्रेटिनिंग क्रीम आदि, लोग इस तरह की चीजों का खूब यूज करते हैं। आपको बता दें कि इनमें मौजूद केमिकल्स बालों को धीरे-धीरे कमजोर बनाते हैं। इसके अलावा, पर्यावरण भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण बन रहा है, शहरों का बढ़ता पॉल्यूशन भी स्कैल्प को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।
हेल्थ प्रॉब्लम्स और हार्मोनल बदलाव
कुछ बीमारियां और हार्मोनल बदलाव भी गंजेपन की वजह बन सकते हैं। जैसे थायराइड या पीसीओडी जैसी स्थितियों में बाल झड़ने की समस्या आम हो जाती है। इसलिए जब भी बाल लगातार गिर रहे हों, तो डॉक्टर से एक बार चेकअप जरूर करवा लेना चाहिए।
समय रहते संभलना है जरूरी
कम उम्र में गंजापन आना अब आम बात हो गई है, लेकिन इसे हल्के में लेना ठीक नहीं। सही खानपान, तनाव से बचाव, स्कैल्प की देखभाल और समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। बाल सिर्फ खूबसूरती नहीं, आत्मविश्वास भी होते हैं। इसलिए उनकी देखभाल को नजरअंदाज न करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
