White Lung Syndrome: चीन के बाद अब अमेरिका में निमोनिया के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीमारी से कई बच्चे अमेरिका में बीमार हो गए हैं। तेजी से फैल रही है इस बीमारी को‘व्हाइट लंग सिंड्रोम’ (White Lung Syndrome) कहा जा रहा है। इस बीमारी की चपेट में ज्यादातर 3-8 साल तक की उम्र के बच्चे आ रहे हैं। यह बीमारी इतनी तेजी से क्यों फैल रही है, इसे लेकर अब तक कोई ठोस कारण पता नहीं चला है। तेजी से फैल रही इस बीमारी में बच्चों में खांसी, बुखार और थकान जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों को छींकें आना, नाक बंद होना या बहना, आंखों से पानी आना, घरघराहट, उल्टी और दस्त की समस्याएं हो रही है।
ओहियो में हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बीमारी श्वसन वायरस के कारण नहीं है लेकिन यह कोविड, फ्लू, आरएसवी या माइकोप्लाज्मा के कारण हो सकता है। विशेषज्ञों ने बच्चों को इसके प्रकोप से बचाने के लिए संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल के अलावा टीकाकरण कराने की सलाह दी है।
क्या होता है व्हाइट लंग सिंड्रोम?
व्हाइट लंग सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जिसमें फेफड़ों में सफेद रंग के पैच नजर आने लगते हैं। इस बीमारी में फेफड़ों में सूजन हो जाती है, जिस वजह से सांस लेने में काफी तकलीफ होती है। समय पर इसका इलाज न किया जाए तो ये गंभीर रूप भी ले सकते हैं।
क्या हैं इसके लक्षण?
खांसी- जुखाम
नाक बहना या नाक बंद होना
गले में खराश
बुखार
थकावट
ठंड लगना
सांस लेने में तकलीफ होना
कैसे फैलता है व्हाइट लंग सिंड्रोम
यह बीमारी छींकते या खांसते वक्त निकलने वाले ड्रॉपलेट्स की वजह से फैलती है। यह दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। हालांकि इस बीमारी की असल वजह अब तक सामने नहीं आई है। इसके अलावा यह बीमारी गंदे हाथों और इंफेक्टेड चीजों का सेवन करने से भी फैल सकता है।
कैसे करें इससे बचाव?
साबुन से हाथ धोने के बाद ही खाना खाएं या फिर मुंह छूने से पहले भी हाथों को साबुन से धोएं।
मुंह और नाक ढक कर छींके।
इस्तेमाल किए हुए टीशू यूज ना करें। इसके साथ ही टीशू यूज करने के बाद डस्टबीन में फेंके।
अगर आप बीमार हैं तो घर पर ही रहें बाहर ना निकलें।
बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
