हम सोचते हैं कि शरीर में विटामिन या न्यूट्रिएंट्स की कमी तब पता चलती है जब बाल तेजी से झड़ने लगें, हड्डियां कमजोर हो जाएं या इतनी थकान हो कि बिस्तर से उठना मुश्किल हो जाए। हालांकि सच यह है कि कोई भी बड़ी बीमारी या गंभीर लक्षण दिखने से पहले हमारा शरीर छोटे-छोटे इशारों के जरिए अलर्ट भेजता है।
अगर हम इन शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लें, तो गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी से जानिए 7 आम पोषक तत्वों की कमी के शुरुआती लक्षण और उन्हें ठीक करने के आसान तरीके:
फाइबर की कमी
शुरुआती संकेत: खाना खाने के तुरंत बाद (1-2 घंटे में) दोबारा तेज भूख लगना।
वजह: फाइबर हमारे पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखता है। जब डाइट में फाइबर नहीं होता, तो खाना जल्दी पच जाता है, जिससे इंसुलिन स्पाइक होता है और आपको बार-बार भूख लगती है।
उपाय: अपनी डाइट में चिया सीड्स, ओट्स, दालें और बेरीज शामिल करें। रोजाना 25 से 35 ग्राम फाइबर लेने की कोशिश करें और हफ्ते में कम से कम 30 अलग-अलग तरह के प्लांट-बेस्ड फूड्स खाएं।
प्रोटीन की कमी
शुरुआती संकेत: लगातार थकान रहना और दिमाग में धुंधलापन महसूस होना।
वजह: प्रोटीन डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे दिमाग के केमिकल्स बनाने के लिए जरूरी है। प्रोटीन कम होने पर मूड और फोकस खराब होने लगता है।
उपाय: अपने दिन की शुरुआत प्रोटीन से करें; जैसे दही, अंडे या टोफू। रोजाना अपने वजन के हिसाब से कम से कम 1 ग्राम प्रति किलोग्राम प्रोटीन जरूर लें।
कैल्शियम की कमी
शुरुआती संकेत: उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना और मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन।
वजह: जब खून में कैल्शियम कम होता है, तो नसें ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे हाथ पैर में झुनझुनी होती है।
उपाय: अगर आप दूध-दही नहीं खाते, तो फोर्टिफाइड बादाम का दूध, टोफू, तिल और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। साथ ही विटामिन D पर्याप्त मात्रा में लें, क्योंकि इसके बिना शरीर कैल्शियम एब्जॉर्ब नहीं कर पाता।
जिंक की कमी
शुरुआती संकेत: स्वाद और गंध का कम अहसास होना या चोट या घाव देर से भरना।
वजह: जिंक हमारे शरीर के टिश्यूज की मरम्मत और इम्युनिटी के लिए बहुत जरूरी है।
उपाय: कद्दू के बीज, छोले, काजू और दालें खाएं। नॉन-वेजिटेरियन लोग सी-फूड खा सकते हैं।
आयरन की कमी
शुरुआती संकेत: रात में पूरी नींद लेने के बाद भी सुबह उठकर थकान महसूस होना।
वजह: आयरन शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी से शरीर के अंगों को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
उपाय: पालक, दालें या रेड मीट जैसी आयरन से भरपूर चीजों को विटामिन C के साथ खाएं, ताकि आयरन अच्छे से एब्जॉर्ब हो सके। कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले Ferritin टेस्ट कराएं।
विटामिन C की कमी
शुरुआती संकेत: मसूड़ों से खून आना, बहुत सूखी त्वचा और हल्की सी चोट पर भी शरीर पर नीले निशान पड़ जाना।
वजह: विटामिन C शरीर में 'कोलेजन' बनाता है, जो त्वचा को टाइट और खून की नलियों को मजबूत रखता है। कमी होने पर छोटी-छोटी नसें आसानी से लीक होने लगती हैं।
उपाय: खट्टे फल (संतरा, मौसमी), स्ट्रॉबेरी, कीवी और शिमला मिर्च अपनी डाइट में शामिल करें।
विटामिन B12 की कमी
शुरुआती संकेत: हाथों और पैरों में सुई चुभने जैसी झुनझुनी होना और पीली त्वचा।
वजह: B12 हमारी नसों की सुरक्षात्मक परत को बनाए रखता है। इसकी कमी होने से नसों के सिग्नल धीमे हो जाते हैं।
उपाय: B12 मुख्य रूप से डेयरी प्रोडक्ट, अंडे और मछली में मिलता है। इसलिए शाकाहारी लोगों को सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर की सलाह से B12 और MMA टेस्ट जरूर करवाएं।
डॉ. सौरभ सेठी कहते हैं कि हमारा शरीर कोई भी बड़ी समस्या होने से पहले लगातार छोटे-छोटे संकेत देता है। जरूरत है तो बस इन इशारों को समझने की और अपनी डाइट में सही समय पर बदलाव करने की!
