Period Fatigue : पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाओं को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई महिलाओं को पीरियड होने से पहले और पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस होती है। इसी थकान को पीरियड फटिग कहा जाता है। अगर आपको भी पीरियड्स से कुछ दिन पहले या फिर पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो अपना विशेष ध्यान रखें। ताकि इस दौरान होने वाली कमजोरी और थकान को कम किया जा सके। आज हम इस लेख में पीरियड फटिग के कारण और बचाव के बारे में विस्तार से जानेंगे। आइए जानते हैं इस बारे में-
पीरियड फटिग के क्या हैं कारण?
पीरियड फटिग का सबसे सामान्य कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होता है। इसके अलावा कई अन्य वजहों से पीरियड फटिग की परेशानी महसूस हो सकती है। आइए जानते हैं-
- तनाव और अनियमित पीरियड की वजह से कुछ महिलाओं को पीरियड फटिग महसूस होता है।
- इसके अलावा शरीर में असंतुलित हार्मोन की वजह से भी पीरियड फटिग की परेशानी हो सकती है।
- मोटापे से ग्रसित महिलाओं को पीरियड फटिग हो सकता है।
- गर्मनिरोधक गोलियों का अधिक सेवन करने से भी पीरियड फटिग हो सकता है।
- संतुलित आहार न लेने के कारण भी महिलाओं को पीरियड फटिग की परेशानी महसूस होती है।
- थायराइड और डायबिटीज से ग्रसित महिलाओं को पीरियड फटिग के लक्षण दिखते हैं।
- अनिद्रा के कारण भी पीरियड फटिग हो सकता है।
पीरियड फटिग के बचने के उपाय क्या हैं?
डाइट पर दें ध्यान
पीरियड के दौरान होने वाली थकान और कमजोरी को कम करने के लिए आपक अपने डाइट पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। पीरियड के दिनों में कार्ब्स और प्रोटीन से भरपूर आहार का सेवन करें। इसके अलावा इस दौरान आप धूम्रपान, एल्कोहल जैसी चीजों से दूरी बनाकर रखेँ।
हल्के-फुल्के एक्सरसाइज है जरूरी
फीरियड फटिग से बचाव के लिए नियमित रूप से हल्के फुल्के एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइझ करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो शारीरिक थकान कम करने में मददगार है।
पर्याप्त रूप से पिएं पानी
पीरियड फटिग की परेशानी से बचने के लिए पर्याप्त रूप से पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल पानी, फ्रेश जूस, ताजे फल और सब्जियों का भी सेवन किया जा सकता है।
अच्छी और गहनी नींद लें
पीरियड के दिनों में होने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए अच्छी और गहरी नींद लें। गहरी नींद लेने से मानसिक और शारीरिक थकान को कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
