संसद में ई सिगरेट पर बहस, जानिए क्या होती है E Cigarette, नॉर्मल सिगरेट से कितनी है खतरनाक?
- Authored by: Suneet Singh
- Updated Dec 11, 2025, 03:13 PM IST
E Cigarette Banned in India: भारत में ई सिगरेट का इस्तेमाल, निर्माण, वितरण और बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भारत सरकार ने 20 मई 2019 को ई सिगरेट पर बैन लगाया था।
क्या होती है ई सिगरेट, क्यों दुनिया के कई देशों में बैन है E Cigarette (Photo: AI Image)
संसद के शीतकालीन सत्र में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बिना नाम लिये एक सांसद पर सदन में ई सिगरेट पीने का आरोप लगाया। इसपर खूब हंगामा हुआ। हंगामे के साथ ही एक बार फिर से ई सिगरेट चर्चा में है। आइए जानते हैं कि क्या होती है ई सिगरेट। नॉर्मल सिगरेट से कितनी अलग और खतरनाक होती है ई सिगरेट?
क्या होती है ई सिगरेट (What is E Cigarette)
ई-सिगरेट्स बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हैं जो एक खास तरह के लिक्विड को भाप (एरोसोल) में बदलकर सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचाते हैं। इस लिक्विड को 'ई-लिक्विड' कहा जाता है। इसमें निकोटीन, प्रोपाइलीन ग्लाइकोल (PG), वेजिटेबल ग्लिसरीन (VG), फ्लेवरिंग एजेंट्स समेत करीब 70 तरह के केमिकल्स मिले होते हैं। यहां तक कि 'निकोटीन-फ्री' वैरायटी में भी काफी मात्रा में निकोटीन छिपी हो सकती है।
कैसे काम करती है ई सिगरेट (How E cigarette works)
डिवाइस में एक हीटिंग एलिमेंट (कोइल) होता है जो बैटरी से पावर लेकर ई-लिक्विड को गर्म करता है। इससे निकलने वाली भाप को लोग खींचते, जो धूम्रपान जैसा अनुभव देता है। कार्ट्रिज या टैंक में ई-लिक्विड भरा जाता है और पीने वाला बटन दबाकर या सांस से इसे एक्टिवेट करता है। ये डिवाइस पेन, पॉड या मॉड के रूप में आते हैं, जो आकर्षक डिजाइन और अलग-अलग फ्लेवर्स से लैस होते हैं। यही आकर्षण युवाओं को जाल में फंसाता है।

ई सिगरेट्स (Photo: iStock)
कितनी खतरनाक है ई सिगरेट (How Dangerous E cigarette is)
जो लोग ई-सिगरेट पीते हैं उन्हें लगता है कि यह स्मोकिंग के मुकाबले सेफ है। लेकिन ये सिर्फ उनके मन का वहम है। नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार ई सिगरेट्स में प्रोपलीन ग्लाइकॉल और वेजिटेबल ग्लिसरीन मुख्य इंग्रीडिएंट होते हैं। ये दोनों ही शरीर की कोशिकाओं के लिए बेहद घातक हैं। ये फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर और श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। वाष्प में एक्रोलीन जैसे जहरीले केमिकल्स बनते हैं, जो फेफड़ों को जला देते हैं और लंग कैंसर का कारण बनते हैं।

सिगरेट पीने से कैंसर होता है (Photo: iStock)
रिपोर्ट्स बताती हैं कि ई सिगरेट्स के लिक्विड में जितने ज्यादा इंग्रीडिएंट्स होंगे उसमें उतनी ही ज्यादा विषाक्तता होगी। युवाओं में ये लत लगने का खतरा बढ़ाते हैं, क्योंकि निकोटीन मस्तिष्क के विकास को रोकता है। WHO के अनुसार, वैपिंग से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क 30% तक बढ़ जाता है।
नॉर्मल सिगरेट से कितनी खतरनाक है ई सिगरेट (E cigarette vs Normal Cigarette)
सबसे पहले तो ये बात गांठ बांध लें कि धूम्रपान सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। स्मोकिंग की लत आपसे आपकी जिंदगी छीन सकती है। नॉर्मल सिगरेट हो या फिर ई सिगरेट, दोनों की लत आपको बहुत बीमार करने के लिए काफी है। नुकसान तो दोनों से है, लेकिन अगर ये सवाल उठे कि किससे ज्यादा नुकसान है तो जवाब होगा ई सिगरेट से।

नॉर्मल सिगरेट से कितनी खतरनाक है ई सिगरेट (Photo: iStock)
दुनिया भर की कई हेल्थ रिसर्च रिपोर्ट्स साफ बताती हैं कि ई सिगरेट साधारण सिगरेट से कई गुना ज्यादा नुकसानदायक है। इसी कारण से इसे कई देशों में बैन किया गया है। कई मामलों में लोगों ने स्मोकिंग छोड़ने के लिए ई सिगरेट का रुख किया। हालांकि ये न केवल धूम्रपान छुड़ाने में नाकाम साबित हुई, बल्कि नई लत पैदा कर रही है।
क्या भारत में बैन है ई सिगरेट (Is E cigarette Banned in India)
जी हां, भारत में ई सिगरेट का इस्तेमाल, निर्माण, वितरण और बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भारत सरकार ने 20 मई 2019 को ई सिगरेट पर बैन लगाया था। इस बैन का पहली बार उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ एक साल तक की अधिकतम कैद या दोनों का प्रावधान है। वहीं दूसरी बार में 5 लाख रुपये का जुर्माना और तीन साल की जेल या दोनों का प्रावधान है।