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Covid Virus India: क्या है कोरोना का हार्ट अटैक से कनेक्शन...वैक्सीनेशन कितना जिम्मेदार

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Apr 8, 2023, 04:06 PM IST

Covid Linked to Heart Disease: कोरोना काल के बाद से हार्ट अटैक से होने वाली मौत के आंकड़ो में 10 से 15 प्रतिशत इजाफा हुआ है। खासकर युवा अधिक इसके चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि, कोरोना का हार्ट अटैक से क्या कनेक्शन है व वैक्सीनेशन हार्ट अटैक के लिए कितना जिम्मेदार है। यहां आप इन सभी सवालों के जवाब जान सकते हैं।

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Corona Virus India: क्या है कोरोना का हार्ट अटैक से कनेक्शन

KEY HIGHLIGHTS
  • कोरोना काल के बाद हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि।
  • कोराना संक्रमितों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा।
  • सांस फूलना या सीने में जलन या दर्द को ना करें नजरअंदाज।

Covid Linked to Heart Disease: कोराना काल के बाद से हार्ट अटैक बेहद आम हो गया है। चलते फिरते, नाचते-गाते हार्ट अटैक से होने वाली मौत ने लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियोज वायरल होते हैं, जिसमें व्यक्ति चलते फिरते या एक्सरसाइज करते हुए हार्ट अटैक से अपनी (Covid Linked to Heart Attack) जान गंवा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट पर नजर डालें तो विश्व स्तर पर ह्रदय रोग मौत का सबसे बड़ा (Covid-19) कारण है। बीते दिनों कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति मिनट 35 से 50 वर्ष की उम्र के 4 लोगों को हार्ट अटैक अपनी चपेट (Covid And Heart Attack symptoms) में लेता है। वहीं इंडियन हार्ट एसोसिएशन के आंकड़ो पर नजर डालें तो 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है।

कोरोना काल के बाद से नौजवानों में दिल के दौरे का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि, वैक्सीनेशन के बाद से तेजी से हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि (Covid Cases In India) हुई है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि, आईसीएमआर पिछले तीन से चार महीने से इस पर शोध कर (Corona Cases In India) रहा है। अगले दो माह में इस पर अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी की जा (Corona Virus News) सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि, लगातार हार्ट अटैक से होने वाली मौत के आंकड़ो की समीक्षा ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट द्वारा की जा रही है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट सामने आएगी। ऐसे में इस लेख के माध्यम से आइए जानते हैं, इस पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं। साथ ही इसमें कितनी सच्चाई है।

क्या वैक्सीनेशन है हार्ट अटैक का जिम्मेदार

यह कहना गलत नहीं होगा कि, कोरोना काल के बाद से हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। वहीं लोगों का कहना है कि, कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद युवाओं में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। हालांकि इस पर किसी शोधकर्ता द्वारा कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इस विषय पर कुछ भी कहना सही नहीं होगा।

बीते कुछ दिन पहले अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के एक शोधकर्ता ने खुलासा किया था कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद, मायोकार्डिटिस व पौरोकार्डिटिस का खतरा ज्यादा होता है। साथ ही इस बात का भी खुलासा था कि, वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के बाद ह्रदय की मांसपेशियों में सूजन की समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है सामान्य वैक्सीन की तरह यह भी अपने कुछ दुष्प्रभाव दिखा सकती है। ध्यान रहे इस बात का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं है कि, कोरोना वैक्सीन से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इस पर शोध जारी है।

कोरोना संक्रमितों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना काल के बाद से युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में करीब 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि, क्या कोरोना संक्रमितों को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा है। बीते कुछ दिन पहले एक अमेरिकी रिसर्च में सामने आया था कि, कोरोना संक्रमित युवाओं व अन्य लोगों में कार्डियक अरेस्ट, व स्ट्रोक का ज्यादा खतरा है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन या भारत सरकार की ओर से इससे संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है।

इन लक्षणों को ना करें नजरअंदार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हमें हार्ट अटैक के लक्षणों को भूवकर भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। खासकर से संक्रमित लोगों इसे नजर अंदाज ना करें। सांस फूलने, गले या कंधे में जकड़न या सीने के बाईं या दाईं तरफ दर्द आदि लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

आदित्य सिंह
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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