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75 की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, 45 मिनट तक दिया गया CPR, जानिए किन गंभीर हालात में CPR भी हो जाता है बेअसर

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फैंस सदमे में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया, लेकिन लगातार कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जानें, किन गंभीर हालात में CPR बेअसर हो सकता है।

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दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन, जानिए किन गंभीर हालात में CPR भी हो जाता है बेअसर

Nana Patekar Death News: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 45 मिनट तक CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके फैंस को गहरा सदमा दिया है। इसी घटना के बीच CPR को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। दिल का दौरा पड़ने पर आखिर CPR क्या करता है? क्या लंबे समय तक CPR देने के बाद भी किसी व्यक्ति को बचाना संभव नहीं होता और ऐसी कौन-सी परिस्थितियां हैं, जब CPR के बावजूद दिल की धड़कन वापस नहीं आ पाती। यहां पढ़ें किन स्थितियों में CPR बेअसर हो सकता है।

CPR क्या होता है

CPR एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब व्यक्ति की सामान्य सांस और दिल की पंपिंग बंद हो जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य शरीर में खून और ऑक्सीजन का प्रवाह कुछ हद तक बनाए रखना होता है, खासकर दिमाग जैसे महत्वपूर्ण अंगों तक। सरल शब्दों में समझें तो CPR का उद्देश्य तुरंत शरीर में रक्त संचार बनाए रखना और व्यक्ति को आगे के इलाज तक पहुंचने का मौका देना है। हालांकि कार्डियक अरेस्ट के कारण, व्यक्ति की शुरुआती स्थिति, इलाज शुरू होने में लगा समय और शरीर की प्रतिक्रिया जैसे कई पहलू स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

किन हालात में CPR बेअसर हो सकता है?

अगर कार्डियक अरेस्ट के बाद काफी समय तक मस्तिष्क और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, तो शरीर को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में CPR के बावजूद दिल की सामान्य गतिविधि वापस आना मुश्किल हो सकता है।

इसके अलावा अगर कार्डियक अरेस्ट बहुत गंभीर कारण से हुआ हो या शरीर इलाज का जवाब नहीं दे रहा हो, तब भी CPR सफल नहीं हो पाता। एक अहम बात यह है कि CPR जितनी जल्दी शुरू हो, उतना बेहतर मौका रहता है। इसलिए किसी व्यक्ति को बेहोश देखकर केवल इंतजार करना सही नहीं है। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए और प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध होने पर CPR शुरू करना चाहिए।

CPR में समय बेहद महत्वपूर्ण

कार्डियक अरेस्ट के दौरान शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाती है। खासकर मस्तिष्क ऑक्सीजन की कमी के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। इसलिए ऐसी स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा को कॉल करना चाहिए। प्रशिक्षित सहायता मिलने तक CPR शुरू करना जीवन बचाने की कोशिश में अहम कदम हो सकता है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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