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शरीर पर चर्बी हटाने के लिए रोजाना करें ये खास आसन, पीठ दर्द और ब्लड प्रेशर में भी होगा लाभ

Uttana Mandukasana Benefits : योगशास्त्र में कई तरह के लाभदायक योगासन है जो पीठ दर्द कम करने, रीढ़ को मजबूत बनाने और शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटाने में मदद करते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। जो आपका ब्लड सर्कुलेशन सुधारकर शरीर को ऊर्जा देता है। आइए जानते हैं कौन सा है ये आसन और कैसे करें?

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उत्तान मंडूकासन करने के फायदे

Uttana Mandukasana Benefits : योग हमारी प्राचीन परंपरा का अहम हिस्सा रहा है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। उत्तान मंडूकासन ऐसा ही एक प्रभावी आसन है, जो शरीर की संतुलन शक्ति को भी बढ़ावा देने में मददगार होता है। उत्तान मंडूकासन तीन शब्दों (उत्तान, मंडूक और आसन) के मेल से बना है। 'उत्तान' का मतलब ऊपर की ओर तना हुआ, 'मंडूक' यानी मेंढक, और 'आसन' यानी मुद्रा। यह एक ऐसी मुद्रा है जो शरीर को ऊपर की ओर तानकर की जाती है और इसे मेंढक समान शरीर की स्थिति में किया जाता है।

उत्तान मंडूकासन करने के लाभ

आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित रूप से अभ्यास करने से कई तरह के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। रोजाना अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे पीठ के दर्द और कमजोर हड्डियों में राहत मिलती है। यह आसन शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाने में भी मदद करता है। यह ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व शरीर के अंगों तक बेहतर तरीके से पहुंचते हैं।

कैसे करें उत्तान मंडूकासन?

इसको नियमित करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद दोनों पैरों के अंगूठे आपस में जुड़े होते हैं और घुटने खुले रहते हैं। इसके बाद, धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाकर कंधों के ऊपर विपरीत दिशा में रखें। इस स्थिति में, आपकी पीठ और गर्दन पूरी तरह से सीधी होनी चाहिए। कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन का अभ्यास करते समय ध्यान रखें कि अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न लगाएं।

सावधानी

यह आसन शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान करता है। अगर किसी को कोहनी, पीठ, रीढ़ की हड्डी या फिर कोई गंभीर बीमारी है या सर्जरी हुई है, तो इस योगासन का अभ्यास न करें। इस आसन के अभ्यास के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न लगाएं क्योंकि इससे चोट लगने की संभावना बढ़ सकती है।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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