बजट में हेल्थ सेक्टर को क्या मिला, इस बड़ी बीमारी का इलाज हुआ सस्ता, आयुष-आयुर्वेद और योग का होगा वैश्विक विस्तार
- Authored by: भावना किशोरEdited by: Vineet
- Updated Feb 1, 2026, 01:21 PM IST
Health Budget 2026-27: केंद्रीय बजट 2026–27 पेश हो चुका है और इस बार खास नजर हेल्थ सेक्टर पर रही है। सरकार ने आपकी सेहत से जुड़े कई अहम पहलुओं को बजट में जगह दी है। इलाज, वेलनेस और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े फैसले आम लोगों को कैसे प्रभावित करेंगे? जानिए हेल्थ सेक्टर के लिए बजट में क्या खास रहा और आपकी सेहत के लिए इसमें क्या है।
हेल्थ बजट 2026-27 की टॉप हाइलाइट्स (PC- AI)
Health Budget 2026-27: केंद्रीय बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026–27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देने वाले कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। साथ ही आयुष (AYUSH) सेक्टर को मजबूत कर भारतीय परंपरागत चिकित्सा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। आयुर्वेद, योग और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए भी कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए हैं।
कैंसर मरीजों को सीधी राहत
कैंसर के इलाज को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए सरकार ने 17 जरूरी दवाओं और औषधियों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इससे इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और मरीजों को इलाज में सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
दुर्लभ बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत
सरकार ने 7 और दुर्लभ बीमारियों को उस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है, जिनके इलाज के लिए व्यक्तिगत उपयोग हेतु आयात की जाने वाली दवाओं, औषधियों और विशेष मेडिकल फूड पर आयात शुल्क से छूट दी जाती है। यह फैसला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
आयुष सेक्टर को मिला नया आयाम
बजट 2026–27 में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि आयुष को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती मिल सके।
देश में खुलेंगे 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
सरकार देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करेगी। इससे आयुर्वेद में उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
आयुष फार्मेसियों और लैब्स का होगा उन्नयन
आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन मानकों पर खरे उतर सकें। इससे पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और भरोसे को और मजबूती मिलेगी।
WHO के ग्लोबल सेंटर को किया जाएगा अपग्रेड
जामनगर स्थित WHO के ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन को उन्नत किया जाएगा। इससे परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों पर वैश्विक स्तर पर शोध, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म में आयुष की एंट्री
प्रस्तावित 5 रीजनल मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स में आयुष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां जांच, इलाज के बाद देखभाल और पुनर्वास सेवाओं के साथ आयुष उपचार भी उपलब्ध होंगे।
जेरियाट्रिक केयर में वेलनेस और योग की भूमिका
बुजुर्गों की देखभाल यानी जेरियाट्रिक केयर में वेलनेस और योग को अहम हिस्सा बनाया जाएगा। NSQF से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे आयुष आधारित कौशल स्वास्थ्य कार्यबल में मुख्यधारा बन सकेंगे।